नई दिल्ली में होगा तीन दिवसीय ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल का आयोजन: संस्कृति मंत्रालय

New Delhi, 24 सितंबर . संस्कृति मंत्रालय राष्ट्रीय राजधानी में 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 का आयोजन करेगा. तीन दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल का विषय “साझा कहानियां, साझा भविष्य” है. इसमें ब्रिक्स के नौ सदस्य और सहयोगी देशों के 100 से ज्यादा थिएटर कलाकार, विद्वान, छात्र और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल होंगे.

मीडिया से बात करते हुए, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने India की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन के महत्व और थिएटर के जरिए लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला.

सचिव ने कहा कि यह फेस्टिवल अगस्त 2026 में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए ‘Bhopal घोषणापत्र’ पर आधारित है. इस घोषणापत्र में कलाकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच ज्यादा सांस्कृतिक सहयोग, पीपुल टू पीपुल एक्सचेंज और मजबूत नेटवर्क बनाने पर जोर दिया गया था. India ने इस तरह के आदान-प्रदान को आसान बनाने के लिए एक स्वैच्छिक ‘आर्टिस्ट रजिस्ट्री’ (कलाकार रजिस्टर) का प्रस्ताव भी दिया था. उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल ब्रिक्स देशों के थिएटर कलाकारों के बीच परफॉर्मेंस और पेशेवर बातचीत के जरिए इस सोच को आगे बढ़ाता है.

इस फेस्टिवल के महत्व को ब्रिक्स नेताओं के घोषणापत्र में भी मान्यता दी गई है, जिसमें Bhopal घोषणापत्र का स्वागत किया गया और सांस्कृतिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया.

फेस्टिवल में भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और इथियोपिया हिस्सा लेंगे. India दो थिएटर प्रस्तुतियां देगा, जबकि भाग लेने वाले देश अपनी अलग-अलग भाषाओं, थिएटर परंपराओं और समकालीन रचनात्मक अभिव्यक्तियों को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां देंगे. रूस का प्रतिनिधित्व दो थिएटर समूह करेंगे.

फेस्टिवल का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में होगा. प्रस्तुतियां New Delhi के प्रमुख थिएटर स्थलों पर आयोजित की जाएंगी, जिनमें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और उसका अभिमंच ऑडिटोरियम तथा सम्मुख ऑडिटोरियम, साथ ही कमानी ऑडिटोरियम, एलटीजी (एलटीजी) ऑडिटोरियम और मेघदूत थिएटर शामिल हैं.

थिएटर के शास्त्रीय, समकालीन और प्रायोगिक रूपों को फेस्टिवल में दिखाया जाएगा. डायरेक्टर, कलाकार और प्रोडक्शन टीमों के साथ होने वाली इंटरैक्टिव वर्कशॉप और चर्चाओं में कलात्मक सोच, परफॉर्मेंस की परंपराओं, एक्टिंग के तरीकों, स्टेजक्राफ्ट और टेक्निकल डिजाइन पर विचारों के आदान-प्रदान का मौका मिलेगा.

संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था, ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ आयोजन के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा.

ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 का मकसद एक साझा कलात्मक मंच के जरिए कलाकारों, थिएटर से जुड़े लोगों और दर्शकों को एक साथ लाकर ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करना है.

केआर/