नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक को समर्थन देने पहुंचे अरविंद केजरीवाल

New Delhi, 16 जुलाई . आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र Government पर हमला बोला. जंतर-मंतर पर आयोजित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन के मंच से उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को सुधारने की जरूरत है, क्योंकि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भरोसा कमजोर पड़ रहा है.

केजरीवाल ने आंदोलन में शामिल युवाओं और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को सलाम करते हुए कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं. किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाला छात्र केवल परीक्षा देने नहीं जाता, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचता है.

उन्होंने कहा कि छात्र यह विश्वास लेकर परीक्षा देता है कि उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर उसका भविष्य तय होगा, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक इस भरोसे को कमजोर कर रहे हैं. वह स्वयं आईआईटी से पढ़े हैं और उनके बच्चों ने भी प्रतियोगी परीक्षाएं दी हैं, लेकिन उस समय पेपर लीक के मामले सामने नहीं आते थे. आज की स्थिति चिंताजनक है. इसका असर देश के युवाओं के मनोबल पर पड़ रहा है.

केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार जांच, First Information Report और गिरफ्तारियों की बातें होती हैं, लेकिन बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और अगले वर्ष फिर ऐसे मामले सामने आ जाते हैं. उन्होंने दावा किया कि नीट विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की, लेकिन Government ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

केजरीवाल ने कहा कि Government को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए. उन्होंने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की Government ने भी जनभावनाओं को नजरअंदाज किया था और बाद में सत्ता से बाहर हो गई. यदि Government युवाओं की मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो उसे Political परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं.

अपने संबोधन में केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए क्रांतिकारी सोच की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा सुधार के लिए सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.

एएमटी/एबीएम