
कोलकाता, 18 सितंबर . पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी गुट वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने Friday को अपना नामांकन वापस ले लिया. इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए और एआई तथा ईवीएम का मुद्दा उठाया.
संचिता प्रधान डे ने राज्य सचिवालय नबन्ना में Chief Minister शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ ही समय बाद अपना नामांकन वापस लिया. उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था.
नामांकन वापस लेने की वजह पर संचिता प्रधान डे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर बीत चुकी है, इसलिए टीएमसी अब इस सीट पर नया उम्मीदवार नहीं उतार सकती.
नंदीग्राम में मुकाबला फिर भी बहुकोणीय बना हुआ है. टीएमसी के दूसरे धड़े (ऋतब्रत बनर्जी गुट) ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने शांति गोपाल गिरी, कांग्रेस ने मिलन प्रधान और भाजपा ने हसिरानी रथ को मैदान में उतारा है.
इस बीच, कोलकाता में ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले एआई का इस्तेमाल कर एक प्रक्रिया शुरू की गई है और बिहार, छत्तीसगढ़, Haryana तथा पश्चिम बंगाल के चुनावों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुईं.
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Government के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की जाती है और social media प्लेटफॉर्मों पर उन्हें ब्लॉक किया जाता है.
ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के बाद कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनें जलाए जाने की जांच क्यों नहीं हुई.
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डीएससी
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