धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना ही जरूरी नहीं, ये 7 चीजें भी घर लाएंगी सुख-समृद्धि

New Delhi, 5 नवंबर . हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार बेहद खास माना जाता है. इस साल धनतेरस का पावन पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. यही वजह है कि लोग इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना पसंद करते हैं, हालांकि जरूरी नहीं कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ें. कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें भी हैं, जिन्हें घर लाना बेहद शुभ माना जाता है.

अगर आपका बजट सोना-चांदी खरीदने का नहीं है तो आप थोड़े से धनिया के बीज खरीदकर भी इस परंपरा को निभा सकते हैं. कहा जाता है कि इस दिन साबुत धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने से उनकी कृपा बनी रहती है.

धनतेरस पर बर्तन खरीदना सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है. इसके पीछे भगवान धन्वंतरि से जुड़ी मान्यता है. कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी वजह से इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. खासतौर पर पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा है. आप चाहें तो अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से स्टील या कांसे के बर्तन भी खरीद सकते हैं.

दिवाली की पूजा के लिए धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना भी शुभ माना जाता है. मां लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी, जबकि भगवान गणेश को सुख, बुद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन मिट्टी की मूर्तियां और पूजा के लिए सुंदर दीये भी खरीद सकते हैं.

घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए धनतेरस पर श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र खरीदने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीयंत्र मां लक्ष्मी से जुड़ा है, जबकि कुबेर यंत्र को धन और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है.

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से होता है. इसे घर लाने से दरिद्रता और नकारात्मकता दूर होती है. इसलिए कई लोग इस दिन नई झाड़ू जरूर खरीदते हैं.

धनतेरस पर नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नमक घर की नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मकता बनाए रखने का प्रतीक है. वहीं साबुत हल्दी को शुभता, खुशहाली और मंगल कार्यों से जोड़कर देखा जाता है.

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पीआईएम/