‘देश ने आपातकाल भी देखा, अराजकता की बात करने वाले इतिहास न भूलें’, राहुल गांधी पर भड़के मेघवाल

बीकानेर, 7 नवंबर . केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने Saturday को कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा Political हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा से सकारात्मक और अच्छे कार्यों का विरोध करने पर केंद्रित रही है. राहुल गांधी के वोटर आईडी कार्ड को लाभार्थियों से जोड़ने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने और Political माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है.

Union Minister अर्जुन राम मेघवाल ने Rajasthan के बीकानेर में मीडिया से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी आजकल हर अच्छी पहल की आलोचना करते हैं, बिना यह सोचे कि इसके पीछे क्या कारण हैं या इसे क्यों लागू किया जा रहा है. टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट होते रहते हैं, तो इसमें आलोचना करने वाली क्या बात है? हम चाहे कितना भी अच्छा काम क्यों न करें, उन्हें आलोचना करने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाता है. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की भी आलोचना की थी. अब उनके बारे में और क्या कहा जा सकता है?”

पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत की टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए मेघवाल ने कहा, “अगर कोई लोकतंत्र में अराजकता फैलाए, तो जनता चुप नहीं बैठ सकती है. अशोक गहलोत को देखना चाहिए कि वे दिल्ली में आकाशवाणी परिसर में क्या कर रहे थे. क्या वे वहां अव्यवस्था नहीं फैला रहे थे?”

उन्होंने कहा, “अशोक गहलोत खुद भी Government में रह चुके हैं और अच्छी तरह जानते हैं कि अगर कोई India निर्वाचन आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से मिलना चाहता है, तो उसे एक ज्ञापन सौंपना होता है और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सूची देनी होती है. इसके बाद आयोग समय तय करता है और मुलाकात का कार्यक्रम बनाता है. उन्होंने न तो प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सूची दी और न ही कोई ज्ञापन तैयार किया. वे बस इसी बात पर अड़े रहे कि मुलाकात आकाशवाणी में ही होनी चाहिए. क्या यह अराजकता नहीं है? इसलिए हमने जनता को समझाने के लिए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाना पड़ा है.”

विपक्ष के भाजपा पर अराजकता फैलाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए मेघवाल ने कहा कि अराजकता की बात करने वालों को पहले देश का इतिहास याद करना चाहिए. देश ने इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल का दौर भी देखा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को समझाने के लिए चीफ जस्टिस तक को सामने आना पड़ा. संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और विरोध के नाम पर अशांति फैलाने की राजनीति लोकतंत्र के हित में नहीं है.

अर्जुन राम मेघवाल ने देश में आपातकाल के दौर को भी याद किया. उन्होंने कहा, “1975 में उनका रवैया लोकतंत्र को कमजोर करने का था. क्या हमने इमरजेंसी नहीं देखी है? अब वे अराजकता फैलाना चाहते हैं और सत्ता परिवर्तन लाना चाहते हैं. क्या इसे ही वे लोकतंत्र का पाठ पढ़ाना कहते हैं? वे दूसरों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में कांग्रेस नेता ही अराजकता फैला रहे हैं. मैंने अभी आपके सामने तीन-चार उदाहरण रखे हैं. वे अव्यवस्था फैला रहे हैं, इसलिए हमें जनता के सामने आना पड़ा है.”

Union Minister अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि क्या हमें जनता को यह नहीं बताना चाहिए कि हमें लोकतंत्र को बचाना है और इस अराजकता को खत्म करना है? इसीलिए हम लोगों को यह बात समझाने के लिए आगे आए हैं.

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डीसीएच/