देश को तोड़ने की कोशिश कर रहा विपक्ष: शिवराज सिंह चौहान

Bhopal , 17 अक्टूबर . केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उनके यह मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने Bhopal के स्मार्ट सिटी पार्क में सात राज्यों से आए युवाओं के साथ पौधरोपण किया और उनसे सीधा संवाद किया.

शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि विकसित India के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने में माई India एक बड़ा प्लेटफॉर्म है. उन्होंने बांग्लादेश मॉडल को आदर्श बताने और रेजीम चेंज करने वाले विपक्ष के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अब इरादे जाहिर हो गए हैं और दिल की बात जुबान पर आ गई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के मन में भी सत्ता परिवर्तन की इच्छा है, लेकिन चुनाव में जीत नहीं मिलने के कारण विपक्ष दूसरा रास्ता तलाश रहा है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi देश की जनता के हृदय में बसते हैं और जनता उन्हें अपना समर्थन देती है. जनता विपक्ष को कई बार चुनाव में नकार चुकी है. राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष को बार-बार चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.

उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का विश्वास जीतने में असफल होने के बाद विपक्ष भ्रम फैलाने, झूठ बोलने और अफवाहें फैलाने का सहारा ले रहा है. जनता का समर्थन प्राप्त किए बिना सत्ता परिवर्तन की बातें करना और अराजकता फैलाने की कोशिश करना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं का हवाला देकर देश में अशांति फैलाने और लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं. राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए.

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अलग-अलग नामों से सामने आ रहे हैं, लेकिन उनके इरादे एक जैसे हैं. मुट्ठी भर लोग देश में अराजकता फैलाना और शांति भंग करना चाहते हैं. India में ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे. यह India है, बांग्लादेश नहीं. यहां भगवान राम की मर्यादा और भगवान कृष्ण की नीति का सम्मान किया जाता है. देश की जनता नकारात्मक राजनीति और अशांति फैलाने वाले प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी.

–

एसएनपी/डीकेपी