
Bhopal , 2 नवंबर . Madhya Pradesh के देवास जिले में शराब माफिया के ट्रक से खातेगांव के नगर निरीक्षक दिलीप पुरी को रौंदे जाने के मामले ने राज्य की सियासत गरमा दी है. जहां कांग्रेस सीधे तौर पर माफिया और अपराधी की बढ़ती गतिविधियों पर Government पर हमलावर है, वहीं भाजपा कांग्रेस के माफिया से रिश्ते होने का आरोप लगा रही है. सीएम मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है.
Chief Minister मोहन यादव ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि देवास जिले के खातेगांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. राज्य Government पीड़ित परिवार के साथ है. घटना की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया गया है. मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि वीर बलिदानी दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को एसआई के पद पर अनुकंपा नियुक्ति एवं परिवार को 1 रुपए करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.
वहीं, कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया है कि प्रारंभिक तौर पर जांच में इस मामले के तार सीधे कांग्रेस नेताओं से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल की भूमिका इस पूरे मामले में सामने आई है. टिमरनी की जिस शराब दुकान से इस पूरे मामले के तार जुड़े हैं, उसमें कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल पार्टनर हैं. दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने Police को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं. उन्होंने आगे कहा कि राहुल जायसवाल कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी माने जाते हैं. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए.
बता दें कि Sunday की देर रात हरदा से Gujarat की तरफ जा रहे शराब से भरे ट्रक को रोक रहे खातेगांव के नगर निरीक्षक दिलीप पुरी को ड्राइवर ने रौंद दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई.
इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि Madhya Pradesh में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब ‘खाकी’ भी सुरक्षित नहीं है. देवास में अवैध शराब माफिया ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को बेखौफ होकर ट्रक से कुचल दिया. जब कानून के रक्षकों की ही सरेआम हत्या हो रही हो तो आम आदमी अपनी सुरक्षा की क्या उम्मीद करे? क्या प्रदेश में माफिया के मन से शासन-प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? यह दुस्साहस सीधे सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देवास की घटना को लेकर Government पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के शासन में अब Policeकर्मी भी शराब माफिया के ट्रक से कुचले जा रहे हैं. प्रदेश की जनता जहरीली शराब पीकर जान गंवा रही है, Policeकर्मी शराब माफिया के ट्रक का शिकार हो रहे हैं और Chief Minister मोहन यादव मौन साधे बैठे हैं. यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
पटवारी ने Chief Minister से सवालिया अंदाज में कहा है कि आखिर शराब माफिया पर लगाम कसने में आपकी Government क्यों नाकाम है? हर बार छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदारों को क्यों बचाया जाता है? शराब माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है?
पहले देवास में हुए शराब कांड और फिर देवास के Police अधिकारी की ट्रक से कुचल कर हत्या किए जाने के मामले पर भाजपा के प्रदेश का डॉ. हितेश वाजपेई ने कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देवास का जहरीली शराब कांड हो या टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड, हर बार शराब माफिया के तार कांग्रेस से क्यों जुड़ते हैं? कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी बताएं कि यह माफिया-कांग्रेस का रिश्ता क्या कहलाता है? आप लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं? केवल सत्ता पाने?
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एसएनपी/डीकेपी
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