
कोलकाता, 22 अक्टूबर . कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मेट्रो ने यात्रियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया. पंचमी से दशमी तक के छह दिनों में 61.51 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया. इस दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की भी सूचना नहीं मिली.
22 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल घूमने वाले लोगों की सुविधा के लिए सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर ब्लू लाइन (गरिया-दक्षिणेश्वर) और ग्रीन लाइन (हावड़ा मैदान-साल्ट लेक सेक्टर-5) पर पूरी रात मेट्रो सेवाएं चलाई गईं. इसके अलावा अन्य मेट्रो लाइनों पर भी अतिरिक्त ट्रेनें संचालित की गईं.
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, षष्ठी के दिन अकेले 12.01 लाख यात्रियों ने मेट्रो से यात्रा की. यह कोलकाता मेट्रो के इतिहास में एक दिन का अब तक का सबसे अधिक यात्री आंकड़ा है.
तुलना के तौर पर वर्ष 2025 में पंचमी से दशमी के बीच विशेष मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या 46.56 लाख थी.
पंचमी से दशमी के बीच दमदम स्टेशन पर सबसे अधिक भीड़ दर्ज की गई, जहां 4.97 लाख से अधिक यात्रियों ने आवाजाही की.
इसके बाद कालीघाट स्टेशन दूसरे स्थान पर रहा, जहां 4.83 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की. वहीं सियालदह स्टेशन पर इसी अवधि में 4.19 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि अब कोलकाता में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के कारण शहर और उपनगरों के लोग दुर्गा पूजा पंडालों में आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में मेट्रो को प्राथमिकता दे रहे हैं.
दमदम स्टेशन पर अधिक भीड़ का एक प्रमुख कारण यह भी रहा कि यह स्टेशन मेट्रो और उत्तर कोलकाता की उपनगरीय रेलवे सेवाओं के बीच महत्वपूर्ण कनेक्शन का काम करता है.
मेट्रो अधिकारियों ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती थी. इसके लिए पहले से विस्तृत योजना बनाई गई और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से तय की गईं.
पूजा से पहले विभिन्न विभागों और स्टेशन कर्मचारियों के साथ कई बैठकें आयोजित की गईं, ताकि भीड़ को प्रभावी ढंग से संभालने की कार्ययोजना तैयार की जा सके.
सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए. इसके अलावा कोलकाता Police और पश्चिम बंगाल Police के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया.
यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राज्य Police के जवानों को भी स्टेशनों पर तैनात किया गया था.
भीड़ की निगरानी और नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर cctv निगरानी की व्यवस्था की गई थी, जिससे सुरक्षा बलों की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली.
किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मेडिकल बूथ भी स्थापित किए गए थे.
व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया और ट्रेनों में यात्रा कर हालात का जायजा लिया.
इसके अलावा 22 अक्टूबर को मेट्रो रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर रेल जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें यात्रियों ने मेट्रो की साफ-सफाई, सेवाओं और अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी राय और सुझाव दिए.
वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि सभी सुझावों की समीक्षा की जाएगी और जो सुझाव व्यावहारिक होंगे, उन्हें लागू करने पर विचार किया जाएगा.
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एएमटी/डीकेपी
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