‘दीपावली मनाना हमें दीया मिर्जा से सीखने की जरूरत नहीं’, भाजपा नेताओं ने अभिनेत्री पर साधा निशाना

Mumbai , 2 नवंबर . Mumbai में दीपावली पर प्रदूषण कम करने की अपील को लेकर शुरू हुआ विवाद अब Political बयानबाजी तक पहुंच गया है. Actress दीया मिर्जा के दीपावली के संदेश पर पहले Mumbai भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने आपत्ति जताई थी और इसके बाद बीएमसी ने अपने social media अकाउंट से उनका वीडियो हटा दिया था. अब केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले, भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय और विधायक संजय उपाध्याय ने भी मामले पर प्रतिक्रियाएं दी हैं.

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने से बातचीत में दीया मिर्जा के बयान पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ”दीया दूसरे धर्म से आती हैं और उन्हें त्योहार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. India का संविधान सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है. पटाखों के बिना दीपावली मनाने का कोई मतलब नहीं है, हालांकि इस दौरान इस बात का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए कि ज्यादा प्रदूषण न हो. इसके लिए गाइडलाइन पहले ही जारी की गई हैं और उनके तहत कुछ पटाखे जलाए जा सकते हैं.”

आठवले ने दीया के इस तरह त्योहार को लेकर बयान देने को गलत बताया और कहा कि इससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है. उन्होंने Actress के बयान का विरोध भी किया.

बीजेपी नेता श्रीकांत भारतीय ने भी दीया मिर्जा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ”दीया मिर्जा को दूसरों को दीपावली मनाने का तरीका बताने से पहले आत्मचिंतन करना चाहिए. हालांकि हमारी पार्टी किसी धर्म के विरोध में नहीं है, लेकिन दीया को अपने धर्म से जुड़े त्योहारों और परंपराओं पर भी बात करनी चाहिए. हिंदू समाज सदियों से पर्यावरण की चिंता करता आया है. कौन से पटाखे जलाने चाहिए और दीपावली किस तरह मनानी चाहिए, यह देश के लोगों को पता है. इसके लिए उन्हें दीया मिर्जा से सीख लेने की जरूरत नहीं है.”

बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने इस विवाद को दूसरे हिंदू त्योहारों से भी जोड़ दिया. उन्होंने कहा, ”दीया मिर्जा को दीपावली के पटाखों से दिक्कत है. कुछ Bollywood हस्तियां और तथाकथित बुद्धिजीवी हर बार हिंदू त्योहारों के दौरान किसी न किसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं. होली के समय पानी की खपत, दही हांडी के दौरान सुरक्षा, नवरात्रि में शोर और गणेशोत्सव के समय प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों को लेकर सवाल किए जाते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान, अमेरिका तथा इजरायल के बीच तनाव में भी बम और गोले गिरने से बड़े स्तर पर तबाही हो रही है और प्रदूषण फैल रहा है. जब दुनिया के दूसरे हिस्सों में युद्ध के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, तब इस पर उतनी चर्चा क्यों नहीं होती. बम और गोले दागने से जो प्रदूषण होता है, उसकी तुलना में दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाले स्थानीय प्रदूषण कुछ भी नहीं है.”

वहीं, शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने इस मामले पर से बातचीत में कहा, ”दीया मिर्जा के नाम में ही ‘दीया’ है और उन्हें समझना चाहिए कि दीपावली को प्रकाश का त्योहार कहा जाता है. हर नागरिक जानता है कि प्रदूषण को लेकर सतर्क रहना जरूरी है और पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित रह सकें, क्योंकि स्वास्थ्य और जीवन सबसे पहले है.”

दरअसल, बीएमसी ने Mumbai में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया था. बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नागरिकों से पटाखे न फोड़ने और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की गई थी.

इस अभियान के लिए बीएमसी ने कई जानी-मानी हस्तियों के वीडियो संदेश रिकॉर्ड किए थे. इनमें दीया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी शामिल थे. इन वीडियो के जरिए लोगों से पटाखों का इस्तेमाल कम करने और ध्वनि तथा वायु प्रदूषण से बचने की अपील की गई थी.

हालांकि, दीया मिर्जा का वीडियो सामने आने के बाद Mumbai बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने इस पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद बीएमसी ने दीया का वीडियो अपने social media अकाउंट से हटा दिया.

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पीके/एबीएम