दिशा सालियान को नहीं जानता, 500 करोड़ के मानहानि नोटिस का कोई आधार नहीं: आदित्य ठाकरे

Mumbai , 23 सितंबर . शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने Wednesday को दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा भेजे गए 500 करोड़ रुपए के मानहानि नोटिस को खारिज कर दिया. आदित्य ठाकरे ने इसे ‘तुच्छ’ बताया और दिशा सालियान को जानने से भी इनकार किया.

Supreme Court में अपने वकील अंशुमन सिन्हा के माध्यम से जवाब देते हुए ठाकरे ने मानहानि के सभी आरोपों का स्पष्ट खंडन किया, माफी मांगने या अपने social media पोस्ट वापस लेने से इनकार कर दिया और अपने इस रुख को दोहराया कि वे ‘दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते हैं.’

यह विवाद सतीश सालियान के वकील एडवोकेट अनुष्का सोनावाने द्वारा 17 सितंबर, 2026 को जारी किए गए नोटिस से शुरू हुआ. सालियान ने आरोप लगाया कि ठाकरे द्वारा 16 सितंबर, 2026 को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रकाशित अंग्रेजी और मराठी पोस्ट में मानहानिकारक बातें शामिल थीं और उन्होंने सार्वजनिक माफी के साथ 500 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की.

ठाकरे ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि उनकी पोस्ट में सतीश सालियान का नाम या पहचान कभी नहीं ली गई. उनकी कानूनी टीम ने तर्क दिया कि एक लंबे Political और मीडिया अभियान के बारे में सामान्य टिप्पणियों में किसी पार्टी का नाम डालकर कोई कानूनी आधार नहीं बनाया जा सकता. 500 करोड़ रुपए की मांग को ‘झूठा, कानूनी रूप से गलत और मनमाना, बिना किसी गणनात्मक आधार या पहचाने गए वित्तीय नुकसान के’ बताया गया.

जवाब में बताया गया कि सालियान के मौजूदा दावे उनकी बेटी की मृत्यु के तुरंत बाद दिए गए सार्वजनिक बयानों और कानूनी दस्तावेजों से मेल नहीं खाते. इसमें मालवानी Police स्टेशन में दर्ज First Information Report संख्या 118/2022 और दिंडोशी सत्र न्यायालय के 16 मार्च, 2022 के आदेश का हवाला दिया गया, जिसमें परिवार ने बेटी की आत्महत्या का कारण शराब के नशे में आर्थिक संकट बताया था, साथ ही Political दलों पर अफवाहें फैलाकर परिवार को बदनाम करने का आरोप लगाया था.

ठाकरे ने कहा कि बॉम्बे उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच का निर्देश तो दिया, लेकिन उनके या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल निष्कर्ष दर्ज नहीं किया और यह अनिवार्य किया कि जब तक सबूतों से पर्याप्त आधार न मिलें, किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा.

आरोपों का खंडन करने के लिए social media का उपयोग करने के अपने अधिकार का बचाव करते हुए ठाकरे ने पोस्ट हटाने, माफी मांगने, बयान वापस लेने या मुआवजा देने की मांगों को अस्वीकार कर दिया. उन्होंने मीडिया ट्रायल या Political हस्तक्षेप के बिना एक स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच की अपनी मांग को दोहराया.

एमएस/