
Ahmedabad, 30 अक्टूबर . दिवाली के त्योहार से पहले Ahmedabad नगर निगम (एएमसी) ने शहर की चार खाद्य उत्पादन इकाइयों को सील कर दिया है. जांच के दौरान इन इकाइयों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाया गया.
दिवाली के समय मिठाई और नमकीन की मांग बढ़ जाती है. इस दौरान मिलावट की आशंका के मद्देनजर एएमसी ने विशेष जांच अभियान चलाया.
एएमसी के स्वास्थ्य और खाद्य विभाग को जांच में कई गड़बड़ियां मिलीं. इनमें साफ-सफाई की खराब व्यवस्था, पैकेजिंग और लेबलिंग में नियमों का पालन न करना, कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल न करना और इस्तेमाल किए गए खाने के तेल के निपटान के लिए Government से मान्यता प्राप्त एजेंसी के साथ समझौता न होना शामिल है.
जिन चार इकाइयों को सील किया गया है, उनमें शाहिबाग के दुदेश्वर रोड स्थित स्वास्तिक फूड्स, तावड़ीपुरा स्थित श्याम सुंदर फूड प्रोडक्ट्स, और गांधी रोड पर स्थित प्रकाशकुमार कनियालाल तथा अमृतलाल कुबेरदास नमकीनवाला शामिल हैं.
स्वास्तिक फूड्स की जांच में पाया गया कि कंपनी ने इस्तेमाल किए गए तेल के सही निपटान के लिए किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी से समझौता नहीं किया था. इसके अलावा परिसर में टाइल्स, सफेदी और फर्श की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. कर्मचारी टोपी, एप्रन, मास्क और दस्ताने जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण भी नहीं पहन रहे थे.
जांच में यह भी सामने आया कि यह इकाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की अनुसूची-4 में निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन नहीं कर रही थी.
श्याम सुंदर फूड प्रोडक्ट्स में तैयार खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों के अनुसार नहीं पाई गई. यहां भी उत्पादन और भंडारण के दौरान स्वच्छता संबंधी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था. साथ ही इस्तेमाल किए गए तेल के निपटान के लिए किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी से समझौता नहीं किया गया था.
प्रकाश कुमार कनियालाल और अमृतलाल कुबेरदास नमकीनवाला में भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई. दोनों प्रतिष्ठान खाद्य वस्तुओं के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के दौरान जरूरी स्वच्छता नियमों का पालन नहीं कर रहे थे. इनके पास भी इस्तेमाल किए गए तेल के निपटान की कोई अधिकृत व्यवस्था नहीं थी.
Ahmedabad नगर निगम ने दोहराया है कि जो खाद्य कारोबारी प्रतिदिन 50 किलोग्राम से अधिक तेल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस्तेमाल किए गए तेल के भंडारण और निपटान के लिए केंद्र Government द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसी से समझौता करना अनिवार्य है.
नगर निगम ने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करें कि तेल का दोबारा गलत तरीके से उपयोग न हो और उसका निपटान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए.
विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाने और उन्हें सील करने जैसी कार्रवाई की जाएगी.
एएमसी ने मिठाई, नमकीन और पैकेटबंद खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारोबारियों से उत्पादन और भंडारण स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने, अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग करने और कर्मचारियों को टोपी, एप्रन, मास्क तथा दस्ताने पहनाने के निर्देश दिए हैं.
साथ ही, एफएसएसएआई की अनुसूची-4 का पालन करने और पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर सही पैकेजिंग और लेबलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है.
विभाग के अनुसार, दिवाली के दौरान शहरभर में खाद्य उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहेगी. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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एएसएच/
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