
हैदराबाद, 8 सितंबर . भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने से खास बातचीत में दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना पर दुख जताते हुए जवाबदेही को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया. इसके अलावा, उन्होंने तेलंगाना में कथित असुरक्षित इमारतों, एलपीजी आपूर्ति और 22ए के तहत जमीनों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर भी राज्य Government को घेरा.
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर टीआर श्रीनिवास ने कहा कि घटना ने हर परिवार और अभिभावक को झकझोर दिया है. जिन परिवारों के बच्चे इस घटना से प्रभावित हुए हैं, उनके दर्द को समझना बेहद मुश्किल है. मुझे भी इस घटना से गहरा दुख हुआ है. राहुल गांधी की ओर से हादसे में जवाबदेही तय करने की मांग का जिक्र करते हुए श्रीनिवास ने ‘दीपक तले अंधेरा’ कहावत का इस्तेमाल किया. उन्होंने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 22 अगस्त को अंजाद नगर में एक छह मंजिला इमारत को कथित तौर पर असुरक्षित घोषित किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इमारत नाले के ऊपर बनी थी और उसके निर्माण की अनुमति भी नहीं थी.
भाजपा नेता ने दावा किया कि हैदराबाद में ऐसे कई भवन मौजूद हैं, जिन्हें लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल हैं. उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछा कि यदि वे जवाबदेही की बात कर रहे हैं तो तेलंगाना में भी ऐसी घटनाओं और कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की पहल क्यों नहीं होती. दिल्ली में Chief Minister रेखा गुप्ता की Government भवनों का ऑडिट करा रही है और Prime Minister Narendra Modi ने भी सत्य निकेतन मामले का संज्ञान लिया है. इस मुद्दे को Political विवाद बनाने के बजाय सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.
एलपीजी गैस की बुकिंग अवधि कम होने को लेकर श्रीनिवास ने केंद्र Government की तारीफ की. उन्होंने दावा किया कि गैस बुकिंग की अवधि 45 दिन से घटकर 25 दिन तक आ गई है. उन्होंने इसका श्रेय Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व को देते हुए कहा कि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों से आम लोगों को राहत मिल रही है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और समुद्री मार्गों में जारी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद घरेलू स्तर पर आपूर्ति बनाए रखना Government की दूरदर्शिता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी देश के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानकर काम कर रहे हैं और Government यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि आम नागरिक को आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना न करना पड़े.
तेलंगाना में 22ए के तहत जमीनों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर भाजपा नेता ने राज्य Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट और मुख्य न्यायाधीश से मामले का स्वत: संज्ञान लेने और इसकी न्यायिक जांच कराने की मांग की. श्रीनिवास ने Chief Minister रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 22ए की प्रतिबंधित सूची के जरिए जमीनों को लेकर राज्य में गंभीर स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने Government से यह स्पष्ट करने की मांग की कि इस व्यवस्था के पीछे उसका उद्देश्य क्या है.
श्रीनिवास ने बीआरएस विधायकों और राज्य Government के रवैये पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि Political विरोधियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल और कार्रवाई लोकतांत्रिक तथा न्यायिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है. उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव की गिरफ्तारी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए राज्य Government पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करती है, तो Political विरोधियों और कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किस तरह उस विचार से मेल खाता है. Government को Political मतभेदों से ऊपर उठकर कानून, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर ध्यान देना चाहिए.
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