दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: एआई मॉर्फ तस्वीरें 24 घंटे में हटाए मेटा, पीड़िता को पुलिस सुरक्षा

New Delhi, 25 सितंबर . दिल्ली हाई कोर्ट ने Prime Minister Narendra Modi के साथ कथित तौर पर एआई के जरिए मॉर्फ की गई तस्वीरों के प्रसार से जुड़े मामले में बड़ा आदेश देते हुए मेटा को social media प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से सभी आपत्तिजनक तस्वीरें और संबंधित वेबलिंक 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है.

न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता महिला को Police सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया. साथ ही दिल्ली Police को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी.

हाई कोर्ट ने इस मामले में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को भी नोटिस जारी किया है.

याचिका में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी तस्वीर को एआई तकनीक की मदद से एडिट कर Prime Minister Narendra Modi के साथ मॉर्फ किया गया और उसे social media तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया. महिला ने अदालत से इन तस्वीरों और उनसे जुड़े सभी वेबलिंक हटाने की मांग की थी.

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस मामले में दिल्ली Police पहले ही First Information Report दर्ज कर चुकी है. इसके बावजूद कथित आपत्तिजनक तस्वीरें social media पर मौजूद हैं, जिन्हें हटाने की मांग को लेकर महिला ने हाई कोर्ट का रुख किया.

इससे पहले New Delhi जिले के साइबर Police स्टेशन में पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत First Information Report दर्ज की गई थी.

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उसे धमकाया, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की और उसकी तस्वीर का एआई के जरिए गलत इस्तेमाल किया. First Information Report में अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं.

महिला ने यह भी मांग की है कि तस्वीर बनाने, उसे प्रदर्शन में इस्तेमाल करने, वीडियो रिकॉर्ड कर social media पर प्रसारित करने और पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच की जाए.

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डीएससी