दिल्ली सरकार ने शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पदयात्रा का आयोजन किया

New Delhi, 27 सितंबर . ‘शहीद-ए-आजम’ भगत सिंह की जयंती के अवसर पर दिल्ली Government द्वारा आयोजित ‘चलो भगत सिंह के साथ’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं, स्वयंसेवकों, दिल्ली Government के कर्मचारियों और देशभक्त नागरिकों ने पदयात्रा में भाग लिया.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘वंदे मातरम’ और ‘India माता की जय’ के नारों के बीच संसद स्ट्रीट से कर्तव्य पथ तक पदयात्रा का आयोजन किया गया.

इस अवसर पर, Chief Minister रेखा गुप्ता ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, अमर शहीद राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमाओं का अनावरण किया.

सहकारिता एवं सामाजिक कल्याण मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

Chief Minister गुप्ता ने पदयात्रा में भाग लेने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगत सिंह को समर्पित इस यात्रा में युवाओं की भागीदारी का उत्साह और स्नेह सराहनीय है.

उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं और आभार व्यक्त किया.

रवींद्र इंद्रराज सिंह ने कहा कि संसद स्ट्रीट पर स्थित यह परिसर मात्र एक सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि ‘शहीद-ए-आजम’ भगत सिंह के जीवन और संघर्ष से जुड़ा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर स्थल है.

उन्होंने आगे कहा कि इस स्थल को अब ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह संघर्ष स्थल’ के रूप में मान्यता दी गई है.

उन्होंने बताया कि विधानसभा बम विस्फोट के बाद गिरफ्तारी के बाद भगत सिंह को तत्कालीन संसद स्ट्रीट Police स्टेशन से इसी परिसर में स्थित न्यायालय में लाया गया था, जहां उनके मामले की कार्यवाही हुई थी.

दिल्ली के मंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने इस स्थल से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेज और अभिलेख एकत्र किए और इन ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि की.

इसके बाद उन्होंने Chief Minister रेखा गुप्ता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण का मुद्दा उठाया.

रविंदर इंद्रराज सिंह ने कहा कि यह अत्यंत गौरव की बात है कि जिस स्थान को पहले आरसीएस कार्यालय के नाम से जाना जाता था, अब उसे ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह संघर्ष स्थल’ के नाम से जाना जाएगा. यह दिल्ली Government द्वारा हमारे राष्ट्र के महान क्रांतिकारियों को दी गई सच्ची श्रद्धांजलि है.

पैदल पदयात्रा स्ट्रीट से शुरू होकर विट्ठल भाई पटेल हाउस, मावलंकर सभागार, श्रम शक्ति भवन, रफी मार्ग और कृषि भवन से होते हुए कर्तव्य पथ पर समाप्त हुई.

कर्तव्य पथ पर देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसके बाद ‘शहीद-ए-आजम’ भगत सिंह के जीवन, संघर्ष और बलिदान को दर्शाने वाला प्रकाश और ध्वनि कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.

रविंदर इंद्रराज सिंह ने कहा कि आज हर युवा के हृदय में जो देशभक्ति की लौ प्रज्वलित हुई है, उसे कभी बुझने नहीं देना चाहिए.

उन्होंने युवाओं से शहीदों द्वारा प्रदर्शित आदर्शों, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

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एमएस/