
New Delhi, 21 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के भगवान महावीर अस्पताल में तैनात एक मेडिसिन विशेषज्ञ और एक संविदा पर्यवेक्षक को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
आरोपियों की पहचान हरेंद्र कुमार और प्रदीप कुमार के रूप में हुई है. हरेंद्र कुमार अस्पताल के मेडिसिन विभाग में स्पेशलिस्ट (मेडिसिन) हैं और आउटसोर्सिंग के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. वहीं प्रदीप कुमार संविदा पर नर्सिंग ऑर्डरली सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं.
सीबीआई के अनुसार, पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में तैनात हरेंद्र कुमार के खिलाफ Wednesday को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी.
एजेंसी के मुताबिक, यह रिश्वत शिकायतकर्ता को मिले एक टेंडर को रद्द होने से बचाने, उसके बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और उसकी फाइल में अनावश्यक आपत्तियां या ‘रेड फ्लैग’ न लगाने के बदले मांगी गई थी.
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की. एजेंसी का दावा है कि हरेंद्र कुमार ने प्रदीप कुमार के माध्यम से 1 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की, जिसके बाद दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया.
सीबीआई का आरोप है कि शिकायतकर्ता को विशेष लाभ देने के बदले यह राशि मांगी गई थी. इनमें टेंडर को वैध बनाए रखना, बिलों की प्रक्रिया और मंजूरी में सुविधा देना तथा संबंधित फाइल में प्रतिकूल टिप्पणियों से बचाना शामिल था. कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया. मामले में आगे की जांच जारी है. सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं.
सीबीआई ने कहा कि भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. साथ ही एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनसे कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है या उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें.
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एएमटी/
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