दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद होने पर भड़का इंडिया ब्लॉक, कहा- इसको डर कहते हैं

New Delhi, 9 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के 10 सांसदों ने President द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की. वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और विपक्ष के अन्य नेताओं समेत इंडिया गठबंधन के सांसदों ने विजय चौक पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए.

विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के अधिकतर मेट्रो स्टेशन बंद करने के फैसले की आलोचना की. विपक्षी सांसदों ने कहा कि जितना भी जुल्म करना है, कर लीजिए, हम झुकने वाले नहीं हैं.

Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली के मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर Government की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि आप चाहें तो कोई भी स्टेशन बंद कर दें, जनता सड़कों पर उतरेगी. जब कांग्रेस Government बनी थी तो लोगों ने अपने सबसे बड़े अधिकार वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल किया था. यह आंदोलन उन लोगों के खिलाफ है जो ‘वोट-चोरी’ के जरिए सत्ता हथिया रहे हैं. हम लोगों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे.

मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इसको डर कहते हैं, इसको कायरता कहते हैं, इसको भय कहते हैं.

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता है. Government की विफलता है. आप 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर रहे हैं. दिल्ली के आम लोगों का क्या होगा? कामकाजी लोगों का क्या होगा? नौकरी पर जाने वाले लोगों का क्या होगा? ट्रेनों को बंद कर रहे हैं, इंटरनेट बंद कर रहे हैं, इससे साफ होता कि Government डरी हुई है.

उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. हम लोग देश में हो रहे एसआईआर को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग कर रहे हैं. इसी के साथ ही हम बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी कर रहे हैं.

इसी बीच, ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को जेल में डालना चाहिए. हमें यह पक्का करना होगा कि अगले कुछ सालों तक India में कोई दूसरा ज्ञानेश कुमार न हो.

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डीकेएम/डीकेपी