
New Delhi, 21 अक्टूबर . राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में Wednesday को मछुआरा समुदाय के लोगों ने अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया. उत्तर प्रदेश Government के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कश्यप, कहार, केवट, मल्लाह, मांझी और तुरैहा समाज के लोग एकत्र हुए. हाथों में “तुरैहा हैं अनुसूचित जाति के हकदार हैं” और “मझुआ एससी आरक्षण हमारा हक” लिखी तख्तियां लेकर समुदाय ने Government से अपने संवैधानिक हक को जल्द लागू करने की मांग की.
इस दौरान से बात करते हुए यूपी Government के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि हमारे पुरखों ने देश को आजाद कराया और संविधान बनाया, इसलिए इन सभी लोगों का संविधान में हक बनता है. उन्होंने कहा कि समुदाय की एक ही मांग है कि इनका हक संविधान में स्पष्ट रूप से लिख दिया जाए, जिस तरह उत्तराखंड में शिल्पकार को जाति नहीं बल्कि जातियों का समूह माना गया है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी केवट, मल्लाह, मझवार को जातियों के समूह के रूप में मान्यता दी जाए.
मंत्री संजय निषाद ने Prime Minister Narendra Modi और Chief Minister योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा कि सबने इस समाज को लूटा था लेकिन मोदी-योगी ने अपने मछुआरा विजन में निषादों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का वादा किया था. आज उसी मांग को लेकर यहां आए हैं.
उन्होंने बताया कि 1994 तक इस समाज को एससी प्रमाण पत्र मिलता था लेकिन बाद में बेईमान लोगों ने इसे पिछड़ी जाति में लिख दिया. उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर 2016 को Governor ने भी स्पष्ट लिखा है कि यह जातियां पिछड़ी नहीं बल्कि अनुसूचित जाति की हकदार हैं. हमारी मांग है कि हमारा नाम 9 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से खारिज कर अनुसूचित जाति में जोड़कर मझवार के नाम पर प्रमाण पत्र जारी किया जाए.
वहीं, इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस द्वारा उत्तर प्रदेश में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने तैयारी और प्रियंका गांधी को जिम्मेदारी देने पर निषाद ने कहा कि कांग्रेस अब डूबता हुआ जहाज है, कोई उस पर बैठना नहीं चाहता. पिछली बार मुश्किल से 2 सीटें जीत पाए थे. इस बार 150 सीटों पर लड़े तो और बुरी हालत होगी.
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पीआईएम/पीएम
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