दिल्ली में बढ़ रहा एच1एन1 का खतरा, बीमारी से निपटने के लिए सफदरजंग अस्पताल ने की तैयारी

New Delhi, 24 अगस्त . राजधानी दिल्ली में बढ़ती मौसमी बीमारियों और स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामलों के बीच सफदरजंग अस्पताल ने इससे निपटने के लिए अपनी तैयारियां की हैं. अस्पताल प्रशासन ने कहा कि दवाएं, इलाज की सुविधाएं और जरूरी देखभाल उपलब्ध हैं.

सफदरजंग अस्पताल ने अपने एक बयान में कहा, “अस्पताल स्वाइन फ्लू (एच1एन1) और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए तैयार है. यहां दवाएं, इलाज की सुविधाएं और जरूरी देखभाल उपलब्ध है. इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जांच की जाती है और उन्हें समय पर इलाज के लिए प्राथमिकता दी जाती है.”

बयान में कहा गया कि मरीज की जरूरत और मौजूदा गाइडलाइंस के हिसाब से इलाज किया जाता है, साथ ही अस्पताल मामलों पर नजर रखता है और जरूरी इंतजाम बनाए रखता है.

गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दिल्ली में एच1एन1 के 1,777 से अधिक मामले सामने आए हैं, जबकि राजधानी में इन्फ्लूएंजा-ए के भी 2,300 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान शामिल हो सकते हैं. स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते पिछले दिनों दिल्ली Government ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी सावधानियां बरतने को कहा.

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के अधिक करीब जाने से बचें और अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं.

इससे पहले, दिल्ली में Friday को केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में इन्फ्लूएंजा एच1एन1, डेंगू और मलेरिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई.

दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है.

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