दिल्ली पुलिस सीजेपी के जुलाई प्रदर्शन में ‘पूर्व नियोजित’ हिंसा और आपराधिक तत्वों की भूमिका की करेगी जांच

New Delhi, 8 अक्टूबर . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच ने जुलाई में राजधानी में कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि जांच का मुख्य फोकस 20 जुलाई को New Delhi में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर रहेगा. जांच में विशेष रूप से यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा ‘पूर्व नियोजित’ थी या सीजेपी द्वारा संसद की ओर मार्च का आह्वान किए जाने के दौरान ‘आपराधिक तत्व’ प्रदर्शन स्थल पर दाखिल हुए थे.

Supreme Court के निर्देश के बाद दिल्ली Police हिंसा से संबंधित 17 First Information Report पहले ही रद्द कर चुकी है. अब क्राइम ब्रांच Policeकर्मियों पर हमले, तोड़फोड़ और Police वाहनों समेत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी हिंसा की विशेष रूप से जांच करेगी.

20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे. करीब 30 हजार लोग सड़कों पर उतरे और पेपर लीक तथा परीक्षाओं से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया.

स्थिति बिगड़ने के बाद Police और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. Police ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद इस कार्रवाई को लेकर व्यापक आलोचना हुई.

घटना के बाद दिल्ली Police की खुफिया व्यवस्था की समीक्षा की गई. अधिकारियों का मानना था कि प्रदर्शनकारियों की संख्या, उनकी लामबंदी और विभिन्न संगठनों की भूमिका को लेकर Police के पास पहले से पर्याप्त और सटीक जानकारी नहीं थी.

इसके बाद दिल्ली Police की स्पेशल ब्रांच को निर्देश दिया गया कि वह केवल प्रदर्शन के स्थान और अनुमानित भीड़ की जानकारी जुटाने के बजाय अधिक विस्तृत और उपयोगी खुफिया सूचनाएं तैयार करे. हालांकि, सितंबर में Supreme Court ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली, बिहार, Maharashtra, पश्चिम बंगाल और असम में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज First Information Report को रद्द कर दिया था. अदालत ने निर्देश दिया था कि देशभर में इसी तरह के मामलों में आगे कार्रवाई या जांच नहीं की जाएगी.

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डीएससी