दिल्ली पुलिस ने रानी बाग चोरी मामले में तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, 2.10 लाख नकद और लैपटॉप बरामद

New Delhi, 26 सितंबर . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच ने रानी बाग Police स्टेशन में दर्ज चोरी के एक मामले को सुलझा लिया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें शिकायतकर्ता के दो पूर्व कर्मचारी और एक मिनी-ट्रक ड्राइवर शामिल है, जो शिकायतकर्ता की दुकान के पास गाड़ी चलाता था.

आरोपियों की पहचान आकाश (24), जो कोहाट एन्क्लेव, पीतमपुरा का रहने वाला है, आशीष कुमार (23), जो पीतमपुरा का रहने वाला है और मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रोहुआ वेस्ट गांव का निवासी है और अमर (24), जो एकता कैंप, पीतमपुरा का रहने वाला है, के रूप में हुई है.

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपियों के पास से चोरी की गई पूरी नकदी (2,10,340 रुपए), चार्जर के साथ एक एप्पल लैपटॉप और एक पिट्ठू बैग बरामद किया गया. इस बैग में बैंक पासबुक, पेन ड्राइव और आधार कार्ड की एक कॉपी थी. अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी अमर के पास से बरामद की गई.

यह घटना 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे हुई, जब शिकायतकर्ता महेंद्र दिल्ली के सरस्वती विहार में अपनी दुकान बंद कर रहे थे. Police के अनुसार, आरोपी ग्रे रंग की स्कूटी पर आए और 2,10,340 रुपए नकद, एक लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव और आधार कार्ड की कॉपी वाला पिट्ठू बैग चुराकर मौके से फरार हो गए.

घटना के बाद रानी बाग Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत First Information Report दर्ज की गई और जांच शुरू की गई.

गुप्त सूचना मिलने के बाद एसीपी अशोक शर्मा (एनआर-1) की देखरेख में मामले को सुलझाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई. इस टीम में इंस्पेक्टर पुखराज (प्रमुख), सब-इंस्पेक्टर राहुल, सब-इंस्पेक्टर निरंजन सिंह, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पवन, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर प्रदीप, हेड constable सचिन और हेड constable मुकेश शामिल थे.

क्राइम ब्रांच के अनुसार, हेड constable सचिन और हेड constable मुकेश ने आरोपियों के बारे में खास जानकारी जुटाने का काम किया. फील्ड सूत्रों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से टीम ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया. 25 सितंबर की सुबह दो Policeकर्मियों को सरस्वती विहार के जीवन ज्योति अपार्टमेंट के पास डीडीए पार्क के पास अमर, आशीष और आकाश की गतिविधियों के बारे में खास जानकारी मिली.

इस जानकारी के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और पार्क के पास तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. Police ने बताया कि इस ऑपरेशन में चोरी का सारा सामान और अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली गई.

जांच के दौरान Police को पता चला कि अमर शिकायतकर्ता का पूर्व कर्मचारी था. उसने लगभग छह-सात महीने काम करने के बाद 2025 में नौकरी छोड़ दी थी और उसे दुकान की बिक्री और बंद होने के समय के बारे में जानकारी थी.

अमर ने पीतमपुरा के एक सरकारी स्कूल से 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और अभी एसी रिपेयर टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहा है. Police ने बताया कि उसे शराब की लत है. उसके पिता रिक्शा चलाते हैं, जबकि उसकी मां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती हैं. उसकी तीन बड़ी बहनें हैं.

Police के अनुसार, अमर को आलीशान जीवन जीने की आदत थी और उसने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी.

आकाश भी शिकायतकर्ता का पूर्व कर्मचारी था. उसने लगभग दो महीने काम करने के बाद 2025 में नौकरी छोड़ दी थी और उसे भी दुकान की बिक्री और बंद होने के समय के बारे में जानकारी थी.

आकाश ने पीतमपुरा के एक सरकारी स्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और अभी बेरोजगार है. Police ने बताया कि उसे शराब की लत है. उसके पिता चौकीदार का काम करते हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं. वह दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा है.

Police ने बताया कि आकाश ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना की योजना बनाई थी.

तीसरा आरोपी आशीष कुमार मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है. वह शिकायतकर्ता की दुकान के पास मिनी ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करता है और अमर व आकाश का करीबी दोस्त है.

आशीष ने समस्तीपुर के एक सरकारी स्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. Police ने बताया कि उसे शराब की लत है. उसके पिता बेरोजगार हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं. वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा है. क्राइम ब्रांच के अनुसार, आशीष ने भी अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अमर और आकाश के साथ मिलकर इस घटना की योजना बनाई थी.

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डीके/डीकेपी