
New Delhi, 6 नवंबर . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में Friday को एक वांछित उग्रवादी को गिरफ्तार किया. उस पर पूर्वोत्तर के एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने का आरोप है. Police ने आरोपी के खिलाफ ‘गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है.
आरोपी को मणिपुर के प्रतिबंधित संगठन ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है. यह संगठन पूर्वोत्तर राज्य में सक्रिय है. Police सूत्रों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर भाग रहा था.
यह गिरफ्तारी दक्षिण दिल्ली से हुई है. सुरक्षा एजेंसियों को एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एजेंसियों ने राज्य इकाइयों के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया. क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची और उसे दक्षिण दिल्ली के एक इलाके से पकड़ लिया.
वह दक्षिण दिल्ली में एक गुप्त ठिकाने पर फर्जी पहचान के साथ रह रहा था. उसके ठिकाने के बारे में पुख्ता जानकारी मिलने के बाद Police टीम ने जाल बिछाया और Friday को उसे गिरफ्तार कर लिया.
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी मणिपुर के थौबल Police स्टेशन में दर्ज गंभीर मामलों में वांछित था. उस पर ‘गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) और कई अन्य गंभीर कानूनी धाराओं के तहत आरोप हैं.
क्राइम ब्रांच फिलहाल मणिपुर Police और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर आरोपी से पूछताछ कर रही है. Police यह भी जांच कर रही है कि क्या दिल्ली में छिपने के पीछे उसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी या आसपास के इलाकों में किसी साजिश को अंजाम देना या कोई हमला करना था.
गौरतलब है कि मणिपुर की ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) एक अलगाववादी और विद्रोही संगठन है, जिसकी स्थापना 1978 में हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य मणिपुर को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य बनाने के लिए संघर्ष करना है. पीएलए और इसके Political विंग, ‘रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट’ (आरपीएफ) को यूएपीए के तहत एक ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित किया गया है. गृह मंत्रालय (एमएचए) समय-समय पर इस प्रतिबंध को बढ़ाता रहा है.
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डीसीएच/
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