दिल्ली पुलिस के एसीपी को कर्मियों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के बाद निलंबित किया गया, रोहिणी बार एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ली

New Delhi, 3 नवंबर . दिल्ली Police के सहायक Police आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने दो अधिकारियों के तबादले को लेकर Police मुख्यालय के बाहर Policeकर्मियों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

यह निलंबन एक विरोध-प्रदर्शन से जुड़े विवाद के बीच हुआ है. इस प्रदर्शन के दौरान, कई Policeकर्मी मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए थे और उन्होंने दो अधिकारियों के खिलाफ जारी किए गए तबादले के आदेशों को रद्द करने की मांग की थी.

Police के एक सूत्र के अनुसार, इस घटना में शामिल होने के कारण एसीपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. हालांकि, सूत्र ने बताया कि निलंबन की परिस्थितियों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी मिलनी बाकी है.

खबर लिखे जाने तक, दिल्ली Police ने निलंबन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था.

इस बीच, एसीपी के निलंबन की खबर आने के बाद, रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपना विरोध-प्रदर्शन वापस लेने और न्यायिक कार्यों से दूर रहने के अपने फैसले को रद्द करने का निर्णय लिया है.

एसोसिएशन ने पहले घोषणा की थी कि Police के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रमों के चलते, उसके सदस्य 3 नवंबर को काम से दूर रहेंगे.

रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने बयान में कहा कि 3 नवंबर 2026 को काम से दूर रहने के अपने पिछले नोटिस के संदर्भ में, हम सूचित करना चाहते हैं कि एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, सक्षम अधिकारियों ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है. इस घटनाक्रम और Police प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को देखते हुए, रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने विरोध-प्रदर्शन को खत्म करने और काम से दूर रहने के अपने फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है.

एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों से नियमित काम पर लौटने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि न्यायिक कार्य और अदालती कार्यवाही बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलती रहे.

बयान में आगे कहा गया कि हम फिर दोहराते हैं कि एसोसिएशन अपने सदस्यों की गरिमा, आत्म-सम्मान और कल्याण के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी. जहां भी समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाया जाएगा, वहां हम हमेशा जवाबदेही तय करने और उचित कार्रवाई की मांग करेंगे.

वकीलों और दिल्ली Police के बीच तनाव की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा Police स्टेशन में हुई एक घटना से हुई, जहां कथित तौर पर हुए हमले में ललित बंसल नाम के एक वकील के सिर पर गंभीर चोटें आईं.

वकीलों का आरोप है कि जब वे मामले की जांच के तरीके पर सवाल पूछने शाहदरा Police स्टेशन गए, तो एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने रिवॉल्वर निकालकर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की.

‘ऑल दिल्ली बार एसोसिएशन’ की समन्वय समिति ने Police अधिकारी के इस बर्ताव का विरोध किया और काम से दूर रहने की घोषणा की थी.

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डीकेएम/एबीएम