
New Delhi, 30 अक्टूबर . दिल्ली ट्रैफिक Police ने संशोधित ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (ग्रैप) के तहत राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लगाने की घोषणा की है. ये पाबंदियां 1 नवंबर, 2026 से लागू होंगी. Police ने वाहन चालकों से यात्रा करने से पहले अपने वाहनों की पात्रता जांच लेने की अपील की है.
दिल्ली ट्रैफिक Police ने एक्स पोस्ट में कहा कि संशोधित ग्रैप नियमों के तहत वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा. राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को कम करने और हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कुछ श्रेणियों के वाहनों पर प्रतिबंध लागू होंगे.
एडवाइजरी के अनुसार, बीएस-6 मानकों वाले वाहनों, सीएनजी वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों और छूट प्राप्त वाहनों को नियमों के अधीन प्रवेश की अनुमति होगी.
ये प्रतिबंध उन वाहनों पर लागू होंगे जो बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं या जिनके पास वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट’ (पीयूसीसी) नहीं है. संशोधित नियमों के तहत मानकों को पूरा न करने वाली अंतरराज्यीय बसों पर भी प्रतिबंध लागू होंगे.
इसके अलावा, जो ट्रक दिल्ली नहीं जा रहे हैं, उन्हें शहर में प्रवेश करने के बजाय पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करना होगा. साथ ही, ट्रैक्टरों और ‘जुगाड़’ वाहनों (जहां भी लागू हो) के साथ-साथ दिल्ली के बाहर पंजीकृत कुछ अन्य वाहनों पर भी प्रतिबंध लागू होंगे.
ट्रैफिक Police ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले यह जांच लें कि उनके वाहन वहां जाने के लिए योग्य हैं या नहीं. साथ ही, किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए आधिकारिक ट्रैफिक सलाह का पालन करें.
दिल्ली ट्रैफिक Police ने पाबंदियों के बारे में जानकारी और मदद के लिए अपने हेल्पलाइन नंबर 011-25844444 और 1095 भी जारी किए हैं.
दिल्ली-एनसीआर में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए ये नए उपाय लागू किए गए हैं. अधिकारी अब प्रदूषण नियंत्रण के नियमों और ट्रैफिक नियमों को और सख्ती से लागू कर रहे हैं.
इससे पहले दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में नॉर्दर्न रेंज ट्रैफिक Police द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान, कमर्शियल वाहनों के संचालकों के खिलाफ तीन First Information Report दर्ज की गईं. इन पर आरोप है कि इन्होंने ‘नो एंट्री परमिशन’ (एनईपी) के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था.
यह अभियान 27 अक्टूबर को नॉर्दर्न रेंज के डिप्टी कमिश्नर ऑफ Police (ट्रैफिक), डॉ. सचिन कुमार सिंघल (आईपीएस) के निर्देश पर चलाया गया था. इसका उद्देश्य कमर्शियल वाहनों की जांच करना और ग्रैप के ‘स्टेज-1’ के लागू होने के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना था.
इस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर तीन कमर्शियल वाहनों में फर्जी एनईपी का इस्तेमाल होता पाया गया. इसके बाद, Police ने संबंधित थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(2) और 340(2) के तहत तीन First Information Report दर्ज कीं.
यह प्रवर्तन कार्रवाई तब की गई जब दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में आ गई, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 21 अक्टूबर से ग्रैप के चरण-1 को लागू कर दिया.
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ओपी/एएस
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