दिल्ली के 48 गांवों को मिलेगा ‘शहरी’ दर्जा, रेखा गुप्ता सरकार ने विकास की दिशा में लिया ऐतिहासिक निर्णय

नई दिल्‍ली, 23 अक्‍टूबर . दिल्ली की रेखा गुप्ता Government ने राजधानी के नियोजित और एकीकृत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 48 गांवों को शहरीकृत करने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य इन गांवों की वैधानिक स्थिति को दिल्ली के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप बनाना और इनके भविष्य के विकास की बेहतर योजना तैयार करने का आधार उपलब्ध कराना है.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा है कि इस निर्णय से संबंधित गांवों में भूमि उपयोग, सड़क संपर्क, सीवर, जलापूर्ति, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं की जरूरतों पर अधिक व्यवस्थित एवं समन्वित ढंग से विचार करने का अवसर मिलेगा.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली के गांव हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जीवन और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं. गांवों की खुशहाली, वहां रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित विकास बेहद जरूरी है. Government का प्रयास है कि दिल्ली का विकास संतुलित, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो. 48 गांवों का शहरीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे इन क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का व्यवस्थित आकलन करने, नागरिक सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने का आधार तैयार होगा. हमारा लक्ष्य गांवों की पहचान और उनकी विरासत का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.

इनमें बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर दिल्ली, सुंगरपुर शाहदरा, ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रसिदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर दिल्ली, सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर दिल्ली, बदरपुर खादर, बाकीआबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, जगतपुर शाहदरा, बदरपुर माजरा बुराड़ी, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटिकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला शामिल हैं.

दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(ए) के तहत इन 48 गांवों को शहरीकृत करने का निर्णय लिया जा रहा है. इससे इन गांवों को दिल्ली के शहरी विकास की योजना में शामिल किया जा सकेगा और उनकी भविष्य की जरूरतों का व्यवस्थित आकलन किया जा सकेगा. साथ ही, भूमि के उपयोग, विकास कार्यों के प्रबंधन और सड़क, पानी, सीवर जैसी नागरिक सुविधाओं की जरूरतों पर एक साथ और बेहतर तरीके से काम करने का अवसर मिलेगा. यह प्रक्रिया मास्टर प्लान-2041 के मसौदे के अनुरूप विकास की संभावनाओं को समझने में भी मदद करेगी. हालांकि, विकास कार्य संबंधित योजनाओं, जरूरी वैधानिक मंजूरियों और लागू नियमों के अनुसार ही किए जाएंगे.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि शहरीकरण के बाद इन गांवों में सड़कों, आंतरिक संपर्क मार्गों और अन्य जरूरी शहरी सुविधाओं की आवश्यकताओं का आकलन और नियोजन करना आसान हो सकेगा. इसी तरह जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, जल निकासी, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी जरूरतों की पहचान कर संबंधित नागरिक एजेंसियां आवश्यक योजनाओं पर विचार कर सकेंगी. इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, जल निकासी व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं के संबंध में भी समन्वित योजना बनाने का अवसर मिलेगा. इन सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए संबंधित एजेंसियों को लागू नीतियों, स्वीकृत योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी होगी.

उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित गांवों का दर्जा ग्रामीण से शहरी हो जाएगा. इससे इन गांवों की शहरी स्थिति और उन पर लागू कानूनी व प्रशासनिक नियमों को लेकर स्पष्टता आएगी. साथ ही, भविष्य में विकास योजनाएं बनाने और उन पर विचार करने के लिए स्पष्ट कानूनी आधार मिलेगा. हालांकि, निर्माण कार्य, जमीन के उपयोग में बदलाव और अन्य विकास गतिविधियों के लिए संबंधित नियमों, भवन विनियमों, स्वीकृत योजनाओं और जरूरी अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य होगा.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि Government की इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के बदलते शहरी स्वरूप के अनुरूप विकास संबंधी जरूरतों को व्यवस्थित ढंग से संबोधित करना है. संबंधित विभाग और नागरिक एजेंसियां जहां आवश्यक होगा, वहां लागू वैधानिक प्रावधानों, स्वीकृत योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगी.

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एएसएच/डीकेपी