दिल्ली के व्यापारियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 31 जनवरी 2027 तक राजनीतिक प्रदर्शन स्थगित कराने की मांग

New Delhi, 16 अक्टूबर . दिल्ली के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने Prime Minister Narendra Modi को पत्र लिखकर राजधानी में होने वाले Political प्रदर्शनों को 31 जनवरी 2027 तक स्थगित कराने की मांग की है.

व्यापारियों का कहना है कि आगामी त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान बार-बार होने वाले धरना-प्रदर्शनों, यातायात प्रतिबंधों और मार्ग अवरोधों से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे कारोबार और आम लोगों की सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं.

Prime Minister को भेजे गए पत्र में व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जहां दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के कई शहरों से प्रतिदिन लाखों लोग खरीदारी और व्यावसायिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं. नवरात्र, दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और विवाह समारोहों का मौसम व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. ऐसे में बाजारों का सुचारू संचालन व्यापारियों, श्रमिकों, ग्राहकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका के लिए आवश्यक है.

पत्र में कहा गया है कि Political प्रदर्शनों और उनसे जुड़े यातायात प्रतिबंधों के कारण बाजारों तक पहुंच बाधित होती है, माल की आवाजाही प्रभावित होती है और व्यापारिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न होता है. इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जबकि दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिकों की आय पर भी सीधा असर पड़ता है. व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए कर्मचारियों के वेतन, किराए और अन्य वित्तीय दायित्वों का निर्वहन करना भी मुश्किल हो जाता है.

व्यापारी संगठनों ने यह भी कहा कि प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, सड़कों पर जाम और यातायात प्रतिबंधों से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसका असर दिल्ली के अलावा सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले ग्राहकों पर भी पड़ता है, जिससे बाजारों की बिक्री प्रभावित होती है.

पत्र में Government से अनुरोध किया गया है कि व्यापक जनहित, व्यापारिक स्थिरता और लाखों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए 31 जनवरी 2027 तक Political प्रदर्शनों को स्थगित कराने के लिए संबंधित पक्षों से संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए. व्यापारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसे व्यावहारिक उपाय किए जाने चाहिए, जिनसे आम जनता और व्यापार जगत को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके.

यह पत्र व्यापारी संगठनों की ओर से महामंत्री राकेश यादव, प्रदीप गुप्ता और हेमंत गुप्ता द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है.

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एएसएच/डीकेपी