दिल्ली के प्रदूषण पर ‘आप’ का भाजपा पर पलटवार, कहा- अपनी नाकामी छिपाने के लिए पंजाब के किसानों को कर रही बदनाम

New Delhi, 3 नवंबर . दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा. दिल्ली में जहरीली होती हवा के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराने वाले मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के बयान पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी Government की नाकामी छिपाने के लिए पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है. पार्टी ने सवाल उठाया कि जब पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी आई है तो फिर दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रित करने में भाजपा Government क्यों नाकाम साबित हो रही है?

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भगवंत मान Government ने किसानों के साथ मिलकर पराली जलाने की घटनाओं में लगभग 90 से 95 प्रतिशत तक की कमी की है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की Government बनने से पहले पराली जलाने के करीब 71 से 80 हजार मामले सामने आते थे, जबकि पिछले साल इनकी संख्या घटकर लगभग पांच हजार रह गई थी. इस साल अब तक केवल एक हजार मामले सामने आए हैं. ऐसे में भाजपा को पंजाब के किसानों पर आरोप लगाने के बजाय दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए किए गए अपने कामों का हिसाब देना चाहिए.

सौरभ भारद्वाज ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा Government प्रदूषण कम करने के बजाय वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों को कम दिखाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली Government ने पिछले साल सात और इस साल 13 नए प्रदूषण निगरानी स्टेशन लगाए हैं, जबकि पहले से दिल्ली में 39 स्टेशन थे. इसके अलावा 20 नए मॉनिटरिंग स्टेशन हरे-भरे इलाकों में लगाए जा रहे हैं. उनके मुताबिक, इन स्थानों पर अपेक्षाकृत कम प्रदूषण दर्ज होने से दिल्ली के औसत एक्यूआई को कम दिखाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government का ध्यान प्रदूषण कम करने के बजाय आंकड़ों को बेहतर दिखाने पर है.

उन्होंने पिछले साल आनंद विहार और द्वारका के प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आसपास पानी के टैंकरों से छिड़काव किए जाने का भी आरोप लगाया. भारद्वाज ने कहा कि प्रदूषण की समस्या का वास्तविक समाधान निकालने के बजाय आंकड़ों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कृत्रिम बारिश (आर्टिफिशियल रेन) कराने की भाजपा Government की घोषणा पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि केंद्र Government के संबंधित विभाग ने दिल्ली में उस मौसम के दौरान कृत्रिम बारिश की संभावना नहीं होने की जानकारी दी थी, इसके बावजूद इस योजना पर पैसा खर्च किया गया. उन्होंने पूछा कि इस खर्च की जवाबदेही कौन लेगा?

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली के प्रदूषण के लिए भाजपा Government अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए लगातार पंजाब का नाम ले रही है. उन्होंने मनजिंदर सिंह सिरसा पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति उस बच्चे जैसी है, जिसने पूरे साल पढ़ाई नहीं की और परीक्षा में असफल होने पर पड़ोसी बेंच पर बैठे बच्चे को जिम्मेदार ठहरा रहा है.

अनुराग ढांडा ने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की Government बनने के समय पराली जलाने की घटनाएं काफी अधिक थीं. Chief Minister भगवंत मान ने किसानों के साथ संवाद और सहयोग के जरिए इन घटनाओं को कम करने के लिए काम किया. उनके अनुसार, पिछले साल पंजाब में पराली जलाने के मामले पांच हजार से भी कम रह गए थे और इस साल इनकी संख्या लगभग एक हजार तक पहुंच गई है. उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश और Madhya Pradesh में पराली जलाने की घटनाओं पर वह चुप क्यों रहती है?

अनुराग ढांडा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में हर साल पराली जलाने की घटनाओं में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है. मेरठ, अलीगढ़, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा Government किसानों को पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त सहायता और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं करा रही है. अनुराग ढांडा ने Madhya Pradesh का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है. उन्होंने दावा किया कि Madhya Pradesh में हर साल पराली जलाने के मामलों में लगभग 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है.

उनके मुताबिक, पिछले साल देशभर में पराली जलाने की कुल घटनाओं में से 52 प्रतिशत घटनाएं अकेले Madhya Pradesh में दर्ज की गई थीं, जहां लंबे समय से भाजपा की Government है. उन्होंने सवाल किया कि भाजपा Madhya Pradesh में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए गए प्रयासों का ब्यौरा क्यों नहीं देती? अगर पंजाब के किसानों को दिल्ली के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश में बढ़ती घटनाओं पर भी भाजपा को जवाब देना चाहिए.

अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ता है. यह कोई नई समस्या नहीं है और Government को पहले से ही इसकी जानकारी रहती है. इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण के लिए समय रहते ठोस तैयारियां नहीं की गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा Government ने पिछले साल क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराने और प्रदूषण कम करने का दावा किया था, लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हुई. उन्होंने कहा कि भाजपा Government को बताना चाहिए कि दिल्ली की हवा साफ करने के लिए उसने अब तक कौन से ठोस कदम उठाए हैं. केवल पंजाब के किसानों को दोषी ठहराने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी. इसके लिए प्रदूषण के सभी स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी.

‘आप’ नेताओं ने अंत में कहा कि पंजाब का एक्यूआई और दिल्ली का एक्यूआई देखकर ही दोनों राज्यों की मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. पार्टी ने भाजपा से मांग की कि वह किसानों को बदनाम करने की राजनीति छोड़कर दिल्ली के प्रदूषण पर जवाबदेही तय करे. सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से सवाल किया कि आखिर दिल्ली की जहरीली हवा के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा और राजधानी को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए Government की ठोस कार्ययोजना क्या है?

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पीकेटी/डीकेपी