
New Delhi, 2 अक्टूबर . दिल्ली Police के उत्तरी जिले की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर चलाए जा रहे रंगदारी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. Police ने तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दिल्ली के कारोबारियों से एक-एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी और पैसे नहीं देने पर उनके घर पर फायरिंग की योजना बनाई गई थी.
Police के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिफ उर्फ ‘पिस्टल’, मुबारिक उर्फ गुल्लू और नवाब अली उर्फ सोनिज के रूप में हुई है. आरिफ को Gujarat के Ahmedabad, मुबारिक को दिल्ली और नवाब अली को रेवाड़ी के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया.
Police के मुताबिक, 16 सितंबर की रात करीब 8.15 बजे शिकायतकर्ता प्रवीण जैन के फोन पर तीन मिस्ड कॉल आई थीं. इसके बाद रात करीब 9.27 बजे उनके बेटे आयुष के पास यूएई के एक मोबाइल नंबर से कॉल आया.
आरोप है कि कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ का सहयोगी बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी. रकम नहीं देने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. बाद में उसी नंबर से दोबारा संपर्क कर धमकी और रंगदारी की मांग दोहराई गई. इस मामले में रूप नगर थाने में 17 सितंबर को First Information Report दर्ज की गई.
मामले की गंभीरता और कॉल के विदेश से आने के कारण उत्तरी जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट की निगरानी में विशेष टीम बनाई गई. एसीपी ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल, एसटीएफ इंस्पेक्टर आशीष दुबे और रूप नगर थाना प्रभारी रमेश कौशिक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच शुरू की.
जांच के दौरान Police ने डिजिटल रिकॉर्ड, संचार से जुड़ी जानकारी और अन्य तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया. Police के मुताबिक, जांच में फ्रांस की ओवीएच एसएएस कंपनी से जुड़ा एक आईपी एड्रेस सामने आया, जिससे वीपीएस या डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल का संकेत मिला. इससे जुड़े डिजिटल खातों की जांच में कथित तौर पर यूएई कनेक्शन भी सामने आया.
Police ने जांच के दौरान देहरादून और करनाल में जुबैर, मारूफ और उस्मान से पूछताछ की. Police का दावा है कि पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि धमकी भरी कॉल Dubai से आरिश ने की थी.
जांच में उत्तर प्रदेश के शामली से मूल रूप से ताल्लुक रखने वाले आरिफ उर्फ पिस्टल का नाम प्रमुख भारतीय सहयोगी के रूप में सामने आया. आरोप है कि उसने आरिश को कॉल करने के बदले मोटी रकम देने की पेशकश की थी. कॉल के दौरान हरियाणवी भाषा में बात करने के लिए भी कहा गया था, ताकि विदेश से की गई कॉल किसी स्थानीय अपराधी की लगे.
इसी जांच के दौरान 19 सितंबर को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-1 के निर्माण व्यवसायी मनोज मलिक से भी एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया.
Police के मुताबिक, कारोबारी के छोटे भाई को उसी यूएई नंबर से रात 10.11 और 10.12 बजे दो व्हाट्सऐप कॉल आए थे. इसके बाद 37 सेकंड का एक ऑडियो संदेश भी भेजा गया.
आरोप है कि कॉल करने वाले ने खुद को महेंद्रगढ़ का विक्रांत बताते हुए गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े होने का दावा किया और 48 घंटे के भीतर एक करोड़ रुपए देने को कहा. रकम नहीं देने पर फायरिंग और गंभीर परिणाम भुगतने की कथित धमकी दी गई. इस मामले में 24 सितंबर को विजय विहार थाने में First Information Report दर्ज की गई. Police का कहना है कि जांच के दौरान सूचना मिली कि आरिफ और उसके सहयोगी रूप नगर में पीड़ित के घर पर कई राउंड फायरिंग कराने की योजना बना रहे थे. फायरिंग के बाद दोबारा रंगदारी मांगने की तैयारी थी.
सूचना मिलने के बाद Police ने पीड़ित के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और कथित फायरिंग की योजना को अंजाम दिए जाने से पहले ही नाकाम कर दिया.
इसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरिफ की लोकेशन Ahmedabad में मिली. एसटीएफ और रूप नगर थाना Police की टीम ने Gujarat Police की मदद से 24 सितंबर को Ahmedabad के वेजलपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया.
जांच में मुबारिक उर्फ गुल्लू का नाम भी प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में सामने आया. Police का आरोप है कि उसने पूरी योजना बनाई और सह आरोपी आरिफ को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई.
Police के मुताबिक, रंगदारी नहीं मिलने की स्थिति में धमकी को अंजाम देने के लिए शूटरों की व्यवस्था की गई थी. मुबारिक पर दिल्ली के किराड़ी इलाके में शूटरों के रहने के लिए किराए पर कमरा लेने और उसका किराया चुकाने का भी आरोप है. मुबारिक को Police ने 25 सितंबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया.
Police जांच में चार शूटरों के नाम सामने आए, जिनमें दो पानीपत और दो मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके से बताए गए. इनमें से एक नवाब अली उर्फ सोनिज को Police ने एक अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया. नवाब अली गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था. उसे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद से रेवाड़ी स्टेशन के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया.
Police के मुताबिक, 32 वर्षीय आरिफ उर्फ पिस्टल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला है और फिलहाल Ahmedabad में रह रहा था. उसके खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 के बीच शामली के कैराना थाने में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक धमकी, दंगा और आर्म्स एक्ट से जुड़े 12 मामले दर्ज होने की बात कही गई है.
दिल्ली Police अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. इसके साथ Dubai से कॉल करने वाले आरोपी और विदेश में मौजूद अन्य सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.
Police संचार रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर India में मौजूद आरोपियों तथा विदेश में कथित सहयोगियों के बीच संबंधों का पता लगा रही है.
इसके अलावा, एक ही यूएई नंबर से दिल्ली के दो कारोबारियों से एक-एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामलों की भी जांच की जा रही है. Police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया है. दिल्ली Police ने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गोल्डी बराड़ गैंग से कथित रूप से जुड़े पूरे भारत-Dubai नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है.
–
एएमटी/
Skip to content