
New Delhi, 17 अक्टूबर . दिल्ली Police ने कनॉट प्लेस और New Delhi के अन्य हिस्सों में लगाए गए निषेधाज्ञा आदेशों के कथित उल्लंघन पर कई First Information Report दर्ज की हैं. Police सूत्रों के मुताबिक बार-बार अनाउंसमेंट के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के उल्लंघन के मामले दर्ज किए जा रहे हैं और बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
यह कार्रवाई Friday को कड़ी सुरक्षा के बीच कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर प्रदर्शनकारियों द्वारा तिरंगा रैली निकालने के बाद हुई है. आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ता और समर्थक भी चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए तिरंगा रैली करने के लिए इकट्ठा हुए थे.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने लोगों से 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली के हिस्से के तौर पर नेशनल फ्लैग फहराने के लिए सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने को कहा था.
Friday शाम को हिरासत में ली गईं एआईएसए की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा को दिल्ली Police एक्ट की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आर.के. पुरम थाने से रिहा कर दिया गया था.
रिहाई के बाद अपनी हिरासत पर नेहा बोरा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “अभिजीत को रिहा किया जाना चाहिए, मुझे तो पता ही नहीं था कि उसे हिरासत में लिया गया है. उसे और बाकी सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाना चाहिए जिन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है. वे आम नागरिक हैं जो जवाबदेही और अपने वोट के अधिकार की मांग कर रहे हैं. इस तरह से अवैध हिरासत में लेना और लोगों को रात भर थाने में रखना बिल्कुल समझ से परे है.”
उन्होंने कहा था, “Government ने वैधता और अवैधता की सीमाओं को बहुत पहले ही पार कर लिया है. इस विरोध प्रदर्शन में, इस देश में बहुत लंबे समय से ऐसा हो रहा है कि लोगों को बिना किसी कारण के हिरासत में लिया जाता है और घंटों बैठाया जाता है. अब यह बात और भी स्पष्ट हो गई है क्योंकि जो आंदोलन चल रहा है, उसमें यह हर दिन हो रहा है. हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को पकड़ा जा रहा है, हिरासत में लिया जा रहा है और अगली सुबह या अगली शाम को रिहा किया जा रहा है. तो ये अवैध हिरासतें क्यों हो रही हैं, इनका क्या मतलब है और इनका इस्तेमाल आम नागरिकों के मन में डर फैलाने के लिए कैसे किया जा रहा है? आज हमने खुद इसका एक उदाहरण देखा.”
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पीएम
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