दिल्ली: एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर स्वतंत्र पत्रकार रोजी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

New Delhi, 14 अक्टूूबर . दिल्ली Police ने संसद मार्ग थाने में एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर स्वतंत्र पत्रकार रोजी, गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कुछ सदस्यों के खिलाफ First Information Report दर्ज की है. आरोपियों पर जातिसूचक टिप्पणी करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और social media के जरिए मानहानि करने के आरोप लगाए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, यह First Information Report 13 अक्टूबर को दर्ज की गई. शिकायत में रोजी, गजेंद्र सिंह, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं.

एसीपी विवेक भगत ने अपनी शिकायत में कहा कि 3 अक्टूबर को वह जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर तैनात थे. शिकायत के मुताबिक, बुटा सिंह गोलचक्कर के पास स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने कथित तौर पर उनकी जाति (मेघ/मेघवाल) को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उनके एसीपी पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए.

विवेक भगत का कहना है कि उन्होंने इन टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी ड्यूटी जारी रखी.

शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान रोजी ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. एसीपी का आरोप है कि रोजी और उनके साथियों ने बार-बार उनका सामना किया, जिससे सरकारी कार्य के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई.

उन्होंने आरोप लगाया कि उसी शाम संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गई और उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई.

शिकायत में कहा गया है कि रोजी, गजेंद्र सिंह और सीजेपी से जुड़े कुछ लोगों ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ पोस्ट, वीडियो और रील साझा किए. विवेक भगत का आरोप है कि इन पोस्टों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनकी सामाजिक तथा पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा.

शिकायत के आधार पर दर्ज First Information Report में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(2), भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत मामल दर्ज किया गया है.

एसीपी विवेक भगत ने शिकायत में यह भी कहा कि रोजी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायत को दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच को भेजा गया था, जिसकी जांच पहले से जारी है.

फिलहाल, Police मामले की आगे जांच कर रही है. शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. First Information Report में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने मात्र से उसका दोष सिद्ध नहीं माना जाता.

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एएमटी/डीकेपी