
New Delhi, 20 अक्टूबर. दिल्ली में दशहरे के अवसर पर सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने सौरभ दास और आशुतोष रांका के विरोध पर टिप्पणी की, जबकि पूर्व Lok Sabha सदस्य सुभाषिनी अली ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी.
सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने से बात करते हुए कहा, “आज दशहरा है, जो बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का त्योहार है. आज असल में ‘अच्छे लोग’ वे हैं जो हमारे देश में लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं. आज जिस पुतले को जलाया जा रहा है, वह उन लोगों का प्रतीक है जो लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं और हमारे वोट चुरा रहे हैं. न्याय और अन्याय की लड़ाई हो रही है.”
उन्होंने कहा, “आज के समय में अच्छे लोग वो हैं, जो हमारे देश के जनवाद और मतदान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन लोगों और उस सिस्टम का पुतला दहन किया गया, जो जनवाद पर हमला कर रहे हैं और हमारे वोट की चोरी कर रहे हैं.”
सौरभ दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने पर वृंदा करात ने कहा, “हमने जिन लोगों का पुतला जलाया है, वो न्याय की प्रक्रिया में भी हस्तक्षेप करके अन्याय दिला रहे हैं. सौरव, आशुतोष जैसे लोगों के खिलाफ झूठे इल्जाम लगाए गए है. वे देशभक्त हैं. जो देश की जनवाद के लिए संघर्ष की लड़ाई में आगे हैं.”
वहीं पूर्व Lok Sabha सदस्य सुभाषिनी अली ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “आज आरएसएस की मीटिंग हुई. उन्होंने शस्त्र पूजा की और बहुत गंदे नारे लगाए, लेकिन कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है. लेकिन एक पुतला दहन के लिए आफत किया जा रहा है. लोग खुद आगे की योजना बना रहे हैं. वे शांत बैठने वाले नहीं है, जब तक कि इस मामले में कोई बड़ा हस्तक्षेप नहीं होता है.”
सुभाषिनी अली ने कहा, “कई जगह पर कैंप लगाने के लिए Government के लोगों को मजबूर किया गया है. जिसके वोट का अधिकार छिन लिया गया है. उन तक पहुंचने की कोशिश हो रही है कि उन्हें कैंप तक ले जाया जाए और उनका अधिकार वापस मिले. इस बड़ी लड़ाई में हम सभी को जुटकर काम करना है. लोगों को मालूम ही नहीं है कि उनका वोट छीना जा चुका है.”
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एससीएच/
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