
अगरतला, 3 सितंबर . त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को 28 सितंबर को होने वाले ग्राम समिति चुनावों को देखते हुए टालने की मांग की है.
भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्जी के नेतृत्व में राज्य के चुनाव अधिकारियों को India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के नाम एक पत्र सौंपा. इसमें ग्राम समिति चुनाव संपन्न होने तक एसआईआर प्रक्रिया स्थगित करने का अनुरोध किया गया है.
प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व के बाद भट्टाचार्जी ने मीडिया से कहा कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के तहत होने वाले ग्राम समिति चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), Political दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और अन्य कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहेंगे.
उन्होंने कहा कि ग्राम समिति चुनाव समाप्त होने के बाद एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. राज्य के चुनाव अधिकारी भाजपा के पत्र को आगे की कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को भेजेंगे.
त्रिपुरा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बृजेश पांडेय ने इससे पहले बताया था कि राज्य की सभी 60 विधानसभा सीटों के लिए एसआईआर की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर 2026 को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ पूरी होगी.
मतदाता सूची का मसौदा 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा. त्रिपुरा में फिलहाल कुल 28.97 लाख मतदाता हैं, जिनमें 14.52 लाख पुरुष और 14.45 लाख महिला मतदाता हैं. राज्य में कुल 3,356 मतदान केंद्र हैं.
सीईओ के अनुसार, एसआईआर के दौरान बीएलओ 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं को पहले से भरे हुए गणना फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. बीएलओ मतदाताओं को फॉर्म सही तरीके से भरने में मदद करेंगे और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्र करेंगे. प्रत्येक बीएलओ को हर घर में तीन बार जाना होगा.
त्रिपुरा में एसआईआर के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है. सीईओ ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को सुचारु और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के लिए बीएलओ को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है.
इस बीच, टीटीएएडीसी क्षेत्रों में 10 साल के अंतराल के बाद 28 सितंबर को ग्राम समिति चुनाव होने हैं. इन चुनावों में 587 ग्राम समितियों के तहत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,597 सीटों के लिए मतदान होगा. टीटीएएडीसी क्षेत्र से बाहर के इलाकों में ग्राम पंचायतों के समान ही ग्राम समितियां जनजातीय स्वायत्त परिषद क्षेत्रों में स्थानीय निकाय के रूप में काम करती हैं.
टीटीएएडीसी त्रिपुरा के कुल 10,491 वर्ग किलोमीटर भौगोलिक क्षेत्र के करीब दो-तिहाई हिस्से का प्रशासन करता है. इस क्षेत्र में 12.16 लाख से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें करीब 84 प्रतिशत आबादी स्वदेशी जनजातीय समुदायों से संबंधित है.
त्रिपुरा में 60 सदस्यीय विधानसभा के बाद टीटीएएडीसी को राज्य का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक और Political निकाय माना जाता है.
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डीएससी
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