त्रिपुरा में 10 साल बाद ग्राम समिति चुनाव, भाजपा-सीपीआई(एम) ने तेज की तैयारी

अगरतला, 1 सितंबर . त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) द्वारा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्‍वायत्‍त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के तहत ग्राम समितियों के चुनावों का शेड्यूल घोषित करने के एक दिन बाद ही Political गतिविधियां तेज हो गई हैं.

सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी सीपीआई(एम) इन अहम चुनावों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर रही हैं.

टीटीएएडीसी के बाहर के इलाकों में ग्राम पंचायतों के बराबर मानी जाने वाली 587 ग्राम समितियों की 2,634 सीटों (कुल 4,597 सीटें) के लिए चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद 28 सितंबर को होंगे.

भाजपा के चार केंद्रीय नेता राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पार्टी के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर संबित पात्रा, नॉर्थ-ईस्ट को-कोऑर्डिनेटर राजीव बब्बर और ऑब्जर्वर राजदीप रॉय Tuesday को अगरतला पहुंचे, जहां उन्होंने विलेज कमेटी चुनावों की तैयारियों और रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए राज्य के नेताओं के साथ कई बैठकें कीं.

इन बैठकों में Chief Minister माणिक साहा, राज्य भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीआई(एम) भी ​​Political रूप से महत्वपूर्ण इन चुनावों के लिए अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न जिलों में बैठकें कर रही है. विपक्ष के नेता (एलओपी) और सीपीआई(एम) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमेटी चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भी इन अहम चुनावों में हिस्सा लेने के लिए तैयार है.

कांग्रेस ने भी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करने के मकसद से कई बैठकें की हैं.

इस बीच, राज्य चुनाव अधिकारियों ने Tuesday को टीटीएएडीसी इलाकों में विलेज कमेटी चुनावों के लिए कानूनी नोटिफिकेशन जारी कर दिए.

त्रिपुरा के राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 सितंबर तय की गई है. नॉमिनेशन पेपर्स की जांच अगले दिन होगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 11 सितंबर तय की गई है. वोटों की गिनती 5 अक्टूबर को होगी.

राज्य के Police महानिदेशक (डीजीपी) जीएस राव ने कहा कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी और आदिवासियों की पार्टी ‘टिपरा मोथा पार्टी’ (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि विलेज कमिटी के चुनाव Supreme Court के निर्देशों के अनुसार कराए जाएंगे.

देबबर्मा ने वीडियो मैसेज में कहा, “Supreme Court में याचिका दायर करने के बाद, शीर्ष अदालत ने एसईसी को ये अहम चुनाव कराने का निर्देश दिया.”

2021 से, Political रूप से अहम टीटीएएडीसी का कामकाज टीएमपी संभाल रही है, जिसकी अगुवाई पूर्व शाही परिवार के सदस्य देबबर्मा करते हैं.

12 अप्रैल (2026) को हुए टीटीएएडीसी चुनावों में टीएमपी ने 28 चुनी हुई सीटों में से 24 पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा को सिर्फ चार सीटें मिलीं.

यह काउंसिल त्रिपुरा के कुल 10,491 वर्ग किलोमीटर भौगोलिक क्षेत्र के लगभग दो-तिहाई हिस्से का कामकाज देखती है और यहां 12.16 लाख से ज्‍यादा लोग रहते हैं, जिनमें से लगभग 84 प्रतिशत आदिवासी समुदायों से हैं.

त्रिपुरा में 60 सदस्यों वाली विधानसभा के बाद टीटीएएडीसी को दूसरी सबसे अहम संवैधानिक और Political संस्था माना जाता है.

एएसएच/डीकेपी