त्रिपुरा : बांग्लादेश सीमा के पास बीएसएफ जवानों पर हमला करने वाले 18 लोग गिरफ्तार

अगरतला, 6 नवंबर . त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हुए बर्बर हमले के मामले में आठ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास, कलामचौरा थाना क्षेत्र के आशाबाड़ी गांव में 2 नवंबर को हुई घटना के सिलसिले में Thursday रात और Friday तड़के सिपाहीजाला जिले के अलग-अलग इलाकों से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अधिकारी ने को बताया, “2 नवंबर को बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के तुरंत बाद एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया था, जो बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अभी भी जारी है.”

सभी 18 आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए इन 8 लोगों को जल्द ही सिपाहीजाला जिले की एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.

इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है. अदालत के आदेश के बाद आरोपियों को Police हिरासत में भेज दिया गया.

इस बीच Chief Minister माणिक साहा ने Thursday रात वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की. इस बैठक में उन्होंने घटना और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की.

Chief Minister साहा ने एक्स पोस्ट में बताया कि उन्होंने अगरतला के आईटीएफटी कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक की. इसमें राज्य प्रशासन, Police, बीएसएफ, केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि अशाबारी की घटना की भी समीक्षा की गई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, सीमा पार तस्करी के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाया जाए और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जाए.

Police के अनुसार, यह घटना 2 नवंबर को हुई थी, जब बीएसएफ के जवानों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास गांजे की तस्करी करने की कोशिश कर रहे कुछ संदिग्ध तस्करों को रोका. इसके बाद, लगभग 50 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ ने बीएसएफ जवानों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया. इस हमले में एक कंपनी कमांडर समेत तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.

आरोप है कि हमलावरों ने बीएसएफ के एक जवान से पंप-एक्शन गन (पीएजी) भी छीन ली और बीएसएफ के एक वाहन को नुकसान पहुंचाया. इस घटना में संदिग्ध हमलावरों में से एक व्यक्ति भी घायल हो गया.

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ओपी/एबीएम