
चेन्नई, 19 अक्टूबर . तमिलनाडु परिवहन विभाग ने आयुध पूजा और विजयादशमी की छुट्टियों के दौरान अत्यधिक किराया वसूले जाने की शिकायतों के बाद राज्यव्यापी जांच अभियान चलाया. इस अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाली 778 ओमनी बसों के खिलाफ निरीक्षण रिपोर्ट जारी की गईं और इलेक्ट्रॉनिक चालान काटे गए.
विभाग ने बताया कि 15 से 17 अक्टूबर के बीच राज्य भर में अधिकारियों ने 4,233 ओमनी बसों की जांच की. इनमें से 778 बसों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद संबंधित ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
यह जांच ऐसे समय में की गई है जब त्योहारों की छुट्टियों के कारण भारी भीड़ है. यात्री चेन्नई से अपने गृहनगरों और तमिलनाडु के अन्य जिलों में स्थित अपने गंतव्यों की ओर जा रहे हैं.
छुट्टियों के दौरान यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने से राजधानी को राज्य के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली परिवहन सेवाओं में सीटों की मांग बढ़ गई है.
परिवारों के साथ त्योहार मनाने जा रहे कई यात्रियों के लिए, इस भीड़-भाड़ वाले समय में सीट मिलना एक बड़ी चिंता का विषय होता है. दूसरी ओर, सरकारी बसों और ट्रेनों के अलावा, ओमनी बसें भी इस मौसमी आवाजाही के लिए परिवहन नेटवर्क का एक हिस्सा हैं.
परिवहन विभाग के एक बयान के अनुसार, परिवहन मंत्री विजय तमिलन पार्थिपन के निर्देश पर यह प्रवर्तन अभियान चलाया गया. यह कार्रवाई तब की गई जब कुछ ओमनी बस ऑपरेटरों द्वारा यात्रियों से बहुत अधिक किराया वसूलने की शिकायतें मिली थी.
इस अभियान के तहत, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों और मोटर वाहन निरीक्षकों की टीमों ने पूरे तमिलनाडु में सघन जांच की. विभाग ने बताया कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और ई-चालान जारी किए गए, साथ ही उचित कार्रवाई भी शुरू की गई.
हालांकि, विभाग के बयान में उल्लंघनों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है और यह भी नहीं बताया गया है कि 778 बसों में से कितनी बसों पर अधिक किराया वसूलने के लिए कार्रवाई की गई. साथ ही, इसमें कुल कितना जुर्माना लगाया गया, इसका भी खुलासा नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि जिन मामलों में किराए को लेकर शिकायतें थीं, उनमें यात्रियों को उनका पैसा वापस (रिफंड) मिला या नहीं.
आंकड़ों से पता चलता है कि इन तीन दिनों के दौरान जिन बसों की जांच की गई, उनमें से 18 प्रतिशत से अधिक बसों में नियमों का उल्लंघन पाया गया. विभाग के बयान में कहा गया है कि त्योहारों के दौरान मिली शिकायतों के जवाब में ये जांच अभियान चलाए गए थे.
त्योहारों के दौरान यात्रा का दौर अभी भी जारी है. ऐसे में, इस प्रवर्तन अभियान ने निजी बस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि इस समय बड़ी संख्या में यात्री अपनी यात्रा पूरी करने और तमिलनाडु भर में अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए इन्हीं उपलब्ध परिवहन सेवाओं पर निर्भर हैं.
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डीकेएम/एएस
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