
हैदराबाद, 10 सितंबर . तेलंगाना के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने Thursday को सिटी रेंज-II में दो सरकारी कर्मचारियों को 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी अधिकारियों की पहचान हैदराबाद सचिवालय में आउटसोर्सिंग कर्मचारी आनंदेशी राघवेंदर (आरोपी अधिकारी 1) और तेलंगाना राज्य औद्योगिक विकास निगम (टीएसआईडीसी), परिश्रमा भवन, बशीरबाग में सीनियर असिस्टेंट मेडी विनोद (आरोपी अधिकारी 2) के तौर पर की गई है.
इसको लेकर एसीबी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों ने Chief Minister राहत कोष (सीएमआरएफ) योजना के तहत शिकायतकर्ता के मेडिकल रीइम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) दावों को प्रोसेस करने और उन्हें मंजूरी दिलाने के लिए यह अवैध रिश्वत मांगी थी. इसमें 2 लाख रुपए की राशि जारी करना और बाकी दावों को निपटाना शामिल था.
जांच से पता चला कि आरोपी अधिकारी 1 ने पहले ही आरोपी अधिकारी 2 के जरिए फोन पे ट्रांजैक्शन से 5 हजार रुपए की शुरुआती रिश्वत ली थी. ऑपरेशन के दौरान आरोपी अधिकारी 2 ने शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए की रिश्वत ली और उसे आरोपी अधिकारी 1 को सौंप दिया, जिसके पास से रिश्वत की वह नकदी बरामद की गई.
एसीबी ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अनुचित लाभ पाने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन गलत और बेईमानीपूर्ण तरीके से किया. एसीबी आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए नामपल्ली में एसपीई और एसीबी मामलों के अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश कर रहा है. वहीं, एसीबी की ओर से इस मामले की आगे की जांच जारी है.
वहीं, एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने की किसी भी घटना की सूचना टोल-फ्री नंबर 1064 पर कॉल करके दें. शिकायतें व्हाट्सएप नंबर 9440446106, फेसबुक या एक्स के माध्यम से भी की जा सकती हैं और यह भरोसा दिलाया जाता है कि शिकायतकर्ता की पहचान और विवरण पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे.
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डीके/डीकेपी
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