
हैदराबाद, 21 अक्टूबर . तेलंगाना में यादाद्रि थर्मल पावर स्टेशन (वाईटीपीएस) की पांचवीं इकाई को Wednesday को ग्रिड से जोड़ दिया गया.
तेलंगाना पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीजीजीईएनसीओ) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. एस. हरीश ने यूनिट 5 के सिंक्रोनाइजेशन का मील का पत्थर हासिल करने के लिए India हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) और टीजीजीईएनसीओ की टीमों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की.
टीजीजीईएनसीओ, नलगोंडा जिले के डमरचेरला मंडल के वीरलापालेम गांव में वाईटीपीएस (यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन) स्थापित कर रहा है. इसमें 800 मेगावाट की 5 इकाइयां (यूनिट्स) हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 4,000 मेगावाट है.
इस परियोजना के पहले चरण (स्टेज-I) में 800 मेगावाट की दो इकाइयां और दूसरे चरण (स्टेज-II) में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं.
चार इकाइयां (यूनिट 1, यूनिट 2, यूनिट 3, और यूनिट 4) पहले ही चालू (कमीशन) हो चुकी हैं और व्यावसायिक रूप से काम कर रही हैं.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, Wednesday को यूनिट 5 को 11:06 बजे ग्रिड से सिंक्रोनाइज किया गया और बाद में कमर्शियल ऑपरेशन (सीओडी) की प्रक्रिया के लिए इसे मैन्युअल रूप से बंद (ट्रिप) कर दिया गया.
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी, उपChief Minister मल्लू भट्टी विक्रमार्का, Government के विशेष मुख्य सचिव (ऊर्जा) नवीन मित्तल और टीजीजीईएनसीओ के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) हरीश के कुशल मार्गदर्शन में हासिल की गई है.
वाईटीपीएस को स्वतंत्र India का सबसे बड़ा राज्य-संचालित थर्मल पावर प्लांट बताया जा रहा है.
इस परियोजना की शुरुआत 2017 में हुई थी और इसकी संशोधित अनुमानित लागत 36,131 करोड़ रुपए है.
यूनिट 5 का कमर्शियल ऑपरेशन जल्द शुरू होने की संभावना है. इससे ‘अल नीनो’ की स्थितियों के कारण बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के टीजीजीईएनसीओ के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.
अक्टूबर के महीने में, जहां सामान्य तौर पर बिजली की मांग लगभग 15,000 मेगावाट रहती है, वहीं अब यह बढ़कर 20,003 मेगावाट तक पहुंच गई है.
अधिकारियों के अनुसार, बिजली की मांग में 5,000 मेगावाट की यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कृषि पंप सेटों के अधिक इस्तेमाल के कारण हुई है. इसके अलावा, घरेलू क्षेत्र में भी बिजली की खपत बढ़ी है, क्योंकि अक्टूबर के महीने में भी तापमान उतना ही है जितना आमतौर पर मार्च के महीने में देखने को मिलता है. पिछले महीने, राज्य Government ने वाईटीपीएस के लिए महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से जी-9 ग्रेड का कोयला खरीदने का फैसला किया.
Chief Minister ने कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन रुकने के मामले को काफी गंभीरता से लिया था.
उपChief Minister विक्रमार्का, जो ऊर्जा मंत्री भी हैं, ने कहा कि पिछली India राष्ट्र समिति (बीआरएस) Government के गलत फैसलों की वजह से इस प्लांट को कोयला खदानों (पिट हेड) से बहुत दूर बनाया गया. इसके कारण राज्य पर कोयला परिवहन के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है.
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एससीएच
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