
हैदराबाद, 27 अगस्त . तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी ने Thursday को मीर आलम टैंक में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया. यह राज्य Government की उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत इस इलाके को हैदराबाद में पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है.
निरीक्षण के दौरान Chief Minister ने विस्तार से कामों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस इलाके को खास, वर्ल्ड-क्लास डिजाइन और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक सुविधाओं के साथ विकसित करें.
Chief Minister कार्यालय के अनुसार, उन्होंने फोटो प्रदर्शनी के जरिए पेश की गई योजनाओं की समीक्षा की और पूरे विकास कार्य को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए. Chief Minister ने टैंक के आसपास चल रहे कामों का निरीक्षण किया और मीर आलम टैंक पर बन रहे सस्पेंशन ब्रिज के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया.
Chief Minister ने अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने उनसे कहा कि वे टैंक में सीवेज को जाने से रोकने के लिए कदम उठाएं.
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे नहर को चौड़ा करें ताकि बाढ़ का पानी आसानी से मूसी नदी में जा सके. वे वॉटर स्पोर्ट्स और पर्यटकों के लिए दूसरी गतिविधियों की संभावनाओं का पता लगाएं और टैंक के अंदर मौजूद द्वीपों को आकर्षक ढंग से विकसित करें.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीर आलम टैंक, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है, इसलिए इसे एक शानदार टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए.
Chief Minister ने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्य ऐसा हो जिससे टैंक के आसपास के पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार हो और साथ ही पर्यटकों को एक खास अनुभव मिले.
निरीक्षण में मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और म्युनिसिपल अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
उम्मीद है कि मीर आलम टैंक पर बनने वाला केबल-स्टे ब्रिज, माधापुर के आईटी हब में दुर्गम चेरुवु ब्रिज के बाद दूसरा आइकॉनिक ब्रिज होगा.
430 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को 2027 के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. 2.65 किलोमीटर लंबा और 22.2 मीटर चौड़ा यह ब्रिज शास्त्रीपुरम को चिंतलमेट रोड से जोड़ेगा.
इसी साल, Chief Minister ने कहा था कि ब्रिज के साथ-साथ मीर आलम टैंक में मौजूद तीन द्वीप-जैसे इलाकों को भी सुंदर बनाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आ सकें.
उन्होंने सुझाव दिया कि इन तीनों द्वीपों को सिंगापुर के ‘गार्डन्स बाय द बे’ की तर्ज पर सुंदर टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर विकसित किया जाए, जहां पक्षियों के लिए खास जगह और झरने हों.
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डीकेएम/डीकेपी
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