
Mumbai , 27 अक्टूबर . Samajwadi Party के Maharashtra अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए आयोग के इस्तीफे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा, उन्होंने एक नवंबर को प्रस्तावित इंडिया अलायंस की रैली में अधिक से अधिक लोगों के शामिल होने की अपील की. आजमी ने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से देश के संविधान और लोकतंत्र के सामने खतरा पैदा हो गया है. इस दौरान उन्होंने इमरान खान से जुड़े कानूनी मामले, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और Samajwadi Party के गठबंधन और Prime Minister Narendra Modi को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर भी राय रखी.
अबू आजमी ने आरोप लगाया कि जिन-जिन जगहों पर चुनाव हुए हैं, वहां वोट चोरी और गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं. उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग के कामकाज का सच सामने आ चुका है. उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.
एक नवंबर को होने वाली इंडिया अलायंस की रैली का समर्थन करते हुए आजमी ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के बड़े नेता हैं और उन्हें पता है कि मौजूदा परिस्थितियों में क्या कदम उठाने चाहिए. उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कहीं किसी मतदाता का नाम काट दिया जाता है, तो कहीं किसी का नाम जोड़ दिया जाता है. आजमी ने कहा कि ऐसे मामलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है. उन्होंने अपील की कि रैली में अधिक से अधिक लोग शामिल हों और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए. उन्होंने कहा कि आयोग का इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. यदि संबंधित अधिकारी सही हैं, तो जांच में उन्हें राहत मिल सकती है, लेकिन जनता की मांग पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए. अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए उन्होंने कहा कि यदि तुकाराम मुंडे को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी दी जाए, तो बेहतर काम हो सकता है.
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस और Samajwadi Party के गठबंधन पर अबू आजमी ने कहा कि सीटों के बंटवारे का अंतिम फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं को करना है. उन्होंने खुद को पार्टी का छोटा कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि वह अपनी राय जरूर रख सकते हैं. आजमी ने कहा कि Samajwadi Party को उन सीटों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए जहां उसके मजबूत उम्मीदवार हैं और बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता मौजूद हैं. उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाना चाहिए और कांग्रेस को गठबंधन के लिए पूरी ताकत से काम करना चाहिए.
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों दल मिलकर उत्तर प्रदेश में Government बनाएंगे और इससे 2029 में केंद्र में इंडिया अलायंस की Government बनने का रास्ता भी मजबूत होगा. आजमी ने राहुल गांधी को Prime Minister और अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का Chief Minister बनाने की अपनी Political इच्छा भी व्यक्त की. उन्होंने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी से बचने की अपील की. आजमी ने कहा कि गठबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बयान राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेता दें, न कि कार्यकर्ता ऐसे बयान देकर आपसी मतभेद बढ़ाएं. दोनों दलों के नेताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दूसरे राज्यों में गठबंधन को लेकर सामने आई समस्याएं दोबारा न दोहराई जाएं.
Prime Minister Narendra Modi को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर आजमी ने भाजपा पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि Political बयानबाजी के मामले में केवल खड़गे को निशाना बनाना उचित नहीं है. आजमी ने सोनिया गांधी के लिए अतीत में इस्तेमाल किए गए ‘जर्सी गाय’ जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या उस समय भाजपा को ऐसी भाषा अनुचित लगी थी. उन्होंने कहा कि Political दलों के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ कई तरह की टिप्पणियां की हैं. किसी एक बयान को लेकर विरोध करने से पहले सभी दलों को अपने नेताओं की भाषा और पुराने बयानों पर भी विचार करना चाहिए.
इमरान खान से जुड़े कानूनी मामले पर अबू आजमी ने कहा कि यदि अदालत के पास तत्काल सुनवाई के लिए समय नहीं है, तो सुनवाई होने तक उन्हें अंतरिम राहत या स्टे दिया जाना चाहिए. अदालत में सुनवाई के बाद जो भी फैसला आएगा, उसका पालन किया जाना चाहिए. मामले में जल्द सुनवाई होनी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके. उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि यदि सुनवाई से पहले राहत नहीं मिलती और अगली तारीख नजदीक है, तो संबंधित व्यक्ति के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उन्होंने आग्रह किया कि अदालत मामले पर शीघ्र निर्णय ले या सुनवाई पूरी होने तक उचित राहत प्रदान करे.
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