‘तिरंगा रैली सिर्फ बहाना, देश में अराजकता फैलाना मकसद’, सीजेपी पर संजय निरुपम का बड़ा आरोप

Mumbai , 17 अक्टूबर . शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने सीजेपी और वाम दलों की तिरंगा रैली को अराजकता फैलाने का बहाना बताया और कहा कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कोर्ट में शांति भंग नहीं करने की बात कही थी. उन्होंने राहुल गांधी पर भी संवैधानिक संस्थाओं पर बिना सबूत आरोप लगाकर सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया.

वहीं, पार्टी नेता राजू वाघमरे और मनीषा कायंदे ने कहा कि विपक्ष को हर बात पर सड़क पर उतरने की लत लग गई है. अब सीजेपी का छिपा हुआ एजेंडा सामने आ रहा है.

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “हमारी पार्टी के मुख्य नेता और Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने बिल्कुल सही कहा है कि Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी राहुल गांधी रोज दिल्ली की सड़कों पर अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. वह बिना किसी सबूत के संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रहे हैं, चाहे वह Supreme Court हो, चुनाव आयोग हो, या Prime Minister कार्यालय और Prime Minister का पद.”

उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी दलों के नेताओं द्वारा तिरंगा रैली या राष्ट्रीय ध्वज फहराने की घोषणा महज एक बहाना था. वे देश में अराजकता पैदा करना चाहते हैं और कानून-व्यवस्था को कमजोर करना चाहते हैं. इसीलिए वे हर दिन नए-नए नामों से विरोध प्रदर्शन आयोजित करना चाहते हैं. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद कोर्ट में अपनी जमानत लेते समय इस प्रकार की अंडरटेकिंग दे चुके हैं कि आने वाले एक साल तक वो ऐसी कोई हरकत नहीं करेंगे, जिससे शांति भंग हो.

संजय निरुपम ने कहा कि दिल्ली के कनॉट प्लेस में जिस तरीके से उन्होंने तिरंगा लहराने की अपील की, वो एक बहाना था. तिरंगा की आड़ में कनॉट प्लेस में उत्पात मचाने का इरादा था. इसलिए दिल्ली Police ने एक्शन लिया. ऐसे हर व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए,जो देश में अराजकता फैलाना चाहता है, देश जिस तरीके से प्रगति के रास्ते पर चल रहा है, उस प्रगति को जो बाधित करना चाह रहा है, राजनीति करने का सबको अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर देश को तबाह करने की कोशिश किसी ने की, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए.

विपक्ष और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर शिवसेना के नेता राजू वाघमारे ने कहा कि राहुल गांधी को विरोध प्रदर्शन करने का नशा चढ़ गया है. वो हर एक बात के लिए सड़क पर आ रहे हैं. विपक्ष के नेता की एक गरिमा होती है. अगर वही इंसान हर एक चीज के लिए रास्ते पर आकर इस तरह की नारेबाजी और प्रोटेस्ट करे, तो उसे क्या कहना चाहिए? हर रोज सड़क पर आकर, जनता को क्या दिखाना चाहते हैं? रोज चिल्लाकर कुछ हासिल नहीं होने वाला है. ये बात इंडिया ब्लॉक को सोचना पड़ेगा.

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि इनके आंदोलन का मकसद लोगों के सामने आ रहा है. नीट में छात्रों के साथ अन्याय हुआ, वहां तक बात सीमित थी, फिर से ईवीएम और वोट चोरी की ओर मुड़ गए. अब इनका मकसद बिल्कुल साफ हो गया. धीरे-धीरे सीजेपी का भंडाफोड़ हो रहा है कि इनका असली छिपा हुआ एजेंडा क्या है. जनता इनसे अब सवाल कर रही है. आजाद मैदान में भी देखा कि 50 लोग भी नहीं थे. जो आने-जाने वाले लोग थे, वो भी देखने के लिए खड़े थे कि क्या हो रहा है.

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एबीएम