
New Delhi, 16 अक्टूबर . कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कॉकरोच जनता पार्टी की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने से दिक्कत सिर्फ राष्ट्रविरोधियों को होती है और 53 साल तक आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराने वालों से और क्या उम्मीद की जा सकती है.
सीजेपी की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि जिन्होंने 53 साल तक आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया और वहां तिरंगा फहराने की कोशिश करने वाले युवाओं को ही गिरफ्तार करवा दिया, वे अब तिरंगे का विरोध करेंगे. आज तक वही तिरंगा नागपुर के एक थाने में रखा हुआ है.”
उन्होंने कहा कि 53 साल तक ये लोग तिरंगे के विरोध में रहे, इसे ‘अशुभ’ तक बताया तो वे भला किसी और को इसे फहराने कैसे देंगे? जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा फहराने का विरोध करते हैं, वे कितने राष्ट्रविरोधी हैं, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं.
जदयू विधायक अनंत सिंह के नौ हत्याओं में शामिल होने वाले बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि Supreme Court हो या कोई और अदालत, उसे इस मामले का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. इनकी सत्ता ऐसे हत्यारों के सहारे टिकी है, जिन पर हत्या समेत गंभीर आरोप हैं. वे हत्याएं करने की बात ऐसे करते हैं जैसे यह कोई सम्मान की बात हो.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अगर कल कोई सामने आकर कहे कि उसने कई बलात्कार किए हैं, तो क्या आप उसे भी अपनी Government में शामिल कर लेंगे? यही भाजपा का असली चरित्र है, इनकी सत्ता ऐसे ही लोगों के सहारे चल रही है.
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या पर उन्होंने कहा कि जब आप सत्ता में होते हैं तो सवाल आपसे ही पूछे जाते हैं. सत्ता आपके पास है, संसाधन आपके पास हैं, संस्थाएं आपके पास हैं और सारी नशा विरोधी एजेंसियां, जिसमें पंजाब Police भी शामिल है, आपके पास हैं. पंजाब में नशा बढ़ रहा है और आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल इसे रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं, तो सवाल आपसे ही पूछा जाना लाजिमी है. आप इन सवालों से बच नहीं सकते.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप शिकायत करते थे कि Police आपके नियंत्रण में नहीं है, लेकिन पंजाब में तो पूरी Police आपके अधीन थी तो फिर आपने पूरे पंजाब को नशे की गिरफ्त में कैसे जाने दिया?
वहीं, काग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि भाजपा को ‘गांधी’ शब्द से डर लगता है. भाजपा अब यह भी तय करना चाहती है कि किसका क्या उपनाम होना चाहिए. किसी का उपनाम क्या होना चाहिए? हर नागरिक को अपने उपनाम का अधिकार है. यह सब दिखाता है कि वे हिले हुए हैं और डरे हुए हैं. उन्हें गांधी से डर लगता है, गांधी उपनाम से डर लगता है और राहुल गांधी से डर लगता है. राहुल गांधी को जनता से, खासकर युवाओं और छात्रों से जो समर्थन मिल रहा है, उससे वे डरते हैं. राहुल गांधी की लोकप्रियता उन्हें हिला रही है.
सीजेपी की ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध मार्च पर सीजेपी प्रवक्ता मेहर पसरीचा ने कहा कि हमारा आज मुख्य लक्ष्य यह बताना है कि राष्ट्रीय ध्वज कहां फहराना है, यह तय करना हमारा अधिकार है. कोई यह तय न करे कि हम अपना झंडा कहां लहरा सकते हैं, हम खुद यह करेंगे. झंडा लंबे समय से देशभक्ति का प्रतीक रहा है, इसलिए हमारे रास्ते में कोई रोक-टोक या बाधा नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि हमारे दो साथियों को जंतर-मंतर से सिर्फ झंडा लहराने के कारण हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया गया था, लेकिन हम पीछे नहीं हट रहे हैं. कई सीजेपी स्वयंसेवक, विभिन्न छात्र संगठन और आम लोग यहां इकट्ठा हुए हैं, क्योंकि उनका मानना है कि कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हम क्या कर सकते हैं और क्या नहीं.
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत पर सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इससे पता चलता है कि Government कितनी डरी हुई है. वह अभिजीत से, सीजेपी से और असहमति की आवाजों से कितनी डरती है. उन्हें डर है कि अगर अभिजीत अपने मार्च के दौरान लोगों तक पहुंचता है, तो लोग उसकी बात सुनने के लिए उत्सुक होंगे. Government सच्चाई से डरती है, क्योंकि अभिजीत लोगों को सच्चाई बताता है.
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