तारा कोल ब्लॉक नीलामी किसके दबाव में खोली, स्पष्ट करें साय सरकार: भूपेश बघेल

अंबिकापुर, 17 सितंबर . छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य Government पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर Chief Minister विष्णु देव साय से दिसंबर 2025 में केंद्र Government को भेजे गए पत्र को लेकर स्पष्टीकरण मांगा. वहीं सीजीपीएससी की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं और इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने पारदर्शिता की मांग दोहराई.

बघेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी Government के दौरान हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदानों को लेकर पर्यावरण और आदिवासी हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र Government से कई कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने का आग्रह किया गया था. 2023 में छत्तीसगढ़ Government के अनुरोध के बाद तारा समेत हसदेव क्षेत्र के कुछ कोल ब्लॉकों को नीलामी प्रक्रिया से बाहर किया गया था.

उन्होंने कहा, “India Government से नौ कोल ब्लॉक नीलामी से बाहर करने के लिए हमने पत्र लिखा था. उसके बाद कोल मंत्री यहां आए थे. Chief Minister निवास कार्यालय में मेरी मुलाकात हुई, सभी अधिकारियों के साथ बैठे थे और हम लोगों ने आग्रह किया था कि जंगल है इसलिए यहां खुदाई नहीं होनी चाहिए, यहां से कोयला नहीं निकलना चाहिए.”

बघेल का कहना है कि हसदेव क्षेत्र घने जंगलों और आदिवासी समुदायों से जुड़ा हुआ है. यहां खनन से जंगल, सिंचाई और स्थानीय समुदायों पर असर पड़ सकता है. बघेल ने कहा कि उनकी मांग पर India Government ने 40 खदानों को डीनोटिफाई किया था.

Chief Minister विष्णु देव साय पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा, “अब सवाल ये उठता है कि विष्णु देव साय जो अपने आप को आदिवासियों का नेता कहते हैं, आदिवासी समाज से आते हैं और आदिवासी हमेशा जंगल की रक्षा किए हैं, तो आप उसके विनाशक कैसे बन गए?”

उन्होंने Chief Minister विष्णु देव साय से सवाल किया कि दिसंबर 2025 में तारा कोल ब्लॉक को दोबारा नीलामी में शामिल करने के लिए केंद्र को पत्र किस आधार पर भेजा गया.

इस दौरान भूपेश बघेल ने सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 2024 की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में सही और गलत उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को समान अंक दिए जाने का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित उत्तर पुस्तिकाएं मीडिया के सामने रखी थीं और इंटरव्यू रोकने की मांग की थी. अब इंटरव्यू को स्थगित कर दिया है, लेकिन जांच के आदेश नहीं दिए.

पीआईएम/डीएससी