तांत्रिक शक्तिपीठ मां पीतांबरा में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, बगलामुखी-धूमावती के दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

दतिया, 13 अक्टूबर . शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन Madhya Pradesh के दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक शक्तिपीठ मां पीतांबरा पीठ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. Tuesday सुबह से ही मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की लंबी कतार लग गईं. मां बगलामुखी और मां धूमावती के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दतिया पहुंचे. भक्तों ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की, वहीं मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.

मंदिर के मुख्य द्वार से बाहर तक कतारें लग गईं. महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे मां के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. श्रद्धालु पूजा सामग्री, पीले फूल और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचे. मां पीतांबरा को पीला रंग प्रिय माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में भक्त पीले वस्त्र पहने दिखाई दिए. नवरात्रि के तीसरे दिन मां के दर्शन को लेकर श्रद्धालओं में खासा उत्साह रहा.

मां बगलामुखी और मां धूमावती के दर्शन का विशेष महत्व पीतांबरा पीठ की विशेष पहचान यह है कि यहां एक ही परिसर में मां बगलामुखी और मां धूमावती के दर्शन होते हैं. नवरात्रि के दौरान इन दोनों देवियों के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यही वजह है कि तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे. भक्तों का मानना है कि नवरात्रि के तीनो मां के दरबार में शीश नवाकर पूजा-अर्चना और साधना करना शुभ होता है. श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की.

मां पीतांबरा के दर्शन के साथ मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही. भक्तों ने भगवान शिव को जल अर्पित कर अभिषेक किया और पूजा-अर्चना की. मान्यता के अनुसार, पीतांबरा पीठ आने वाले श्रद्धालु मां के दर्शन के साथ वनखंडेश्वर महादेव के दर्शन भी करते हैं. नवरात्रि के दिनों में बड़ी संख्या में भक्तों ने दोनों मंदिरों में पूजा कर परिवार की खुशहाली की कामना की.

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु नवरात्रि के तीसरे दिन मां पीतांबरा के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश, Rajasthan , दिल्ली और Maharashtra Bengaluru कोलकाता सहित देश के कई राज्यों से श्रद्धालु दतिया पहुंचे. कई परिवार एक दिन पहले ही शहर आ गए थे, ताकि सुबह मंदिर पहुंचकर दर्शन कर सकें.

से बातचीत में भक्तों ने मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि मां पीतांबरा को मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. श्रद्धालुओं ने मां बगलामुखी को शत्रुहंता बताते हुए कहा कि भक्तों की मान्यता है कि उनकी आराधना से शत्रुओं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. मां पीतांबरा को राजसत्ता से जोड़कर भी देखा जाता है. भक्तों के अनुसार, कई राजनेता और प्रतिष्ठित लोग भी सफलता एवं विजय की कामना लेकर मां के दरबार में पहुंचते हैं.

श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है कि मां के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना व्यर्थ नहीं जाती. कई भक्तों ने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव होता है. श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर साल नवरात्रि के अवसर पर मां के दरबार में हाजिरी लगाते हैं. उनके लिए यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का भी अवसर है.

दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख धार्मिक और तांत्रिक साधना केंद्रों में गिनी जाती है. यहां वर्षभर श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष चहल-पहल रहती है. मां पीतांबरा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है. भक्तों ने मां के दर्शन कर नौ दिनों तक चलने वाले पर्व की शुरुआत श्रद्धा और भक्ति के साथ की.

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ओपी/पीएम