तमिलनाडु सरकार ने कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक संपत्ति का ब्यौरा देने का दिया निर्देश

चेन्नई, 13 सितंबर . तमिलनाडु Government ने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक अपनी संपत्ति और देनदारियों का पूरा ब्यौरा जमा करने का निर्देश दिया है. यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है.

Government ने जनवरी में संबंधित नियमों में संशोधन किया था और अब औपचारिक रूप से घोषणा की तारीख और प्रक्रिया की घोषणा की है. कर्मचारियों को 31 दिसंबर, 2025 तक उनके पास मौजूद संपत्ति और देनदारियों का खुलासा करना होगा.

संशोधित प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को अब अपने कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से घोषणा पत्र जमा करने या प्रिंटेड फॉर्म के जरिए जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी. इसके बजाय पूरी घोषणा तमिलनाडु Government के इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल एंड ह्यूमन रिसोर्सेज मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएचआरएमएस) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से अपलोड करनी होगी.

घोषणा में कर्मचारियों के स्वामित्व वाले मकान, आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट, कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियों का पूरा विवरण होना चाहिए. उनके नाम पर मौजूद संपत्तियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का भी खुलासा करना होगा.

कर्मचारियों को चल संपत्तियों का विवरण भी देना होगा, जिसमें गहने, मोटर वाहन, बैंक जमा और निवेश शामिल हैं. लागू सेवा नियमों के तहत आने वाली अन्य संपत्तियों और वित्तीय हितों को भी ऑनलाइन घोषणा में शामिल किया जाना चाहिए.

संपत्तियों के अलावा सरकारी कर्मचारियों को अपने द्वारा लिए गए सभी कर्ज और अन्य वित्तीय देनदारियों का विवरण भी देना होगा. इसमें Government द्वारा निर्धारित रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के अंतर्गत आने वाली हर तरह की उधारी शामिल है.

अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि आईएफएचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से दी गई जानकारी पूरी और सटीक हो. डिजिटल फाइलिंग सिस्टम से जमा करने की प्रक्रिया अधिक कुशल होने की उम्मीद है और इससे Government को अपने कर्मचारियों के वित्तीय हितों का केंद्रीकृत और अपडेटेड रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलेगी.

यह अनिवार्य खुलासा लोक सेवकों द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की निगरानी और उनकी आय के ज्ञात स्रोतों और घोषित संपत्ति के बीच किसी भी बड़ी विसंगति की पहचान करने के तंत्र को मजबूत करने के लिए है.

यह नया निर्देश राज्य Government की उस नीति को मजबूत करता है कि लोक सेवकों को समय-समय पर अपनी वित्तीय स्थिति का खुलासा करना चाहिए. संशोधित नियमों के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को 31 अक्टूबर की समय सीमा तक ऑनलाइन सबमिशन पूरा करना होगा.

एएस