
चेन्नई, 5 सितंबर . तमिलनाडु में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने Saturday को डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केएन नेहरू और उनके भाई रविचंद्रन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की.
Saturday सुबह शुरू हुई यह तलाशी अभियान 19 अलग-अलग जगहों पर चलाया जा रहा है, जिसमें चेन्नई और तिरुचिरापल्ली के ठिकाने शामिल हैं.
चेन्नई में अधिकारियों ने मायलापुर, अड्यार, थिरुवनमियुर, अन्ना नगर और अभिरामपुरम सहित कई इलाकों में स्थित परिसरों में तलाशी ली. वहीं, तिरुचिरापल्ली में एसबी की टीम चार गाड़ियों में केएन नेहरू के थिल्लई नगर स्थित घर पर पहुंची और घर तथा उनसे जुड़ी अन्य संपत्तियों की तलाशी शुरू की.
उनके भाई रविचंद्रन से जुड़ी संपत्तियों को भी इस ऑपरेशन में कवर किया गया. जब तलाशी शुरू हुई, तब केएन नेहरू घर पर नहीं थे, लेकिन छापेमारी की सूचना मिलते ही वे अपने थिल्लई नगर स्थित आवास पर लौट आए.
इस कार्रवाई की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता और समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए. पूर्व मंत्री अनबिल महेश और अन्य वरिष्ठ डीएमके नेता भी उनके आवास पर पहुंचे. इस दौरान बाहर कार्यकर्ताओं के जमा होने से तनाव का माहौल बन गया.
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब पहले भी इनकम टैक्स विभाग और Enforcement Directorate (ईडी) ने टेंडर आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों के सिलसिले में केएन नेहरू और रविचंद्रन से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी.
अब राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की इस कार्रवाई ने पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों से जुड़ी जांच को एक नया मोड़ दे दिया है. अधिकारी परिसरों और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं.
इस तलाशी अभियान के समय को लेकर भी Political चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह कार्रवाई तब हो रही है जब तमिलनाडु विधानसभा का सत्र चल रहा है.
केएन नेहरू डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के महत्वपूर्ण पद पर हैं. चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में एक साथ कई संपत्तियों पर छापेमारी से Political हलचल बढ़ गई है. अधिकारियों की ओर से इस ऑपरेशन के दौरान जब्ती या बरामद दस्तावेजों को लेकर अभी और जानकारी का इंतजार है.
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