
थेनी, 27 अक्टूबर . तमिलनाडु के थेनी जिले में एंडिपट्टी के पास थेक्कम्पट्टी जिला जेल से Monday रात 17 कैदी जेल प्रहरियों पर हमला करके भाग निकले. फरार कैदियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया है. Tuesday सुबह तक चार कैदियों को फिर से पकड़ लिया गया जबकि बाकी 13 कैदियों की तलाश जारी है.
शुरुआती जांच से पता चला है कि एक कैदी ने दौरा पड़ने का नाटक किया, जिससे गार्ड उसे प्राथमिक उपचार देने के लिए अंदर आ गए. मदद के लिए आए गार्डों पर कैदियों ने हमला कर दिया और एक साथ भाग निकले. इस तरह, एक मेडिकल इमरजेंसी को उन्होंने जेल से भागने के मौके में बदल दिया.
इस हमले में घायल हुए एक जेल गार्ड को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह घटना Monday रात 10 बजे हुई. सूचना मिलने पर थेनी के Police अधीक्षक प्रवीण गौतम तुरंत जेल पहुंचे और वहां का मुआयना किया. दक्षिणी क्षेत्र के Police महानिरीक्षक विजयेन्द्र बिदारी ने भी जेल का दौरा किया और जेल कर्मचारियों से भागने की घटना के बारे में पूछताछ की.
आईजी बिदारी ने मीडिया को बताया कि Police को रात 10:20 बजे कैदियों के भागने की सूचना मिली. फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें बनाई गई हैं और पूरे जिले में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
वहीं, सबसे पहले पकड़े गए कैदी का नाम प्रवीण है, जो मदुरै जिले के पेरुंगुडी का रहने वाला है. Police को वह जेल के पास एक जंगली इलाके में मिला, जिसके बाद उसे वापस हिरासत में ले लिया गया.
जांचकर्ताओं ने उससे भागने की योजना और कैदियों के अगले ठिकाने के बारे में पूछताछ की. Police के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि गार्डों को झांसे में लाने के लिए कैदी ने दौरा पड़ने का नाटक किया था. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैदियों ने हमले की योजना कैसे बनाई और वे जेल परिसर से बाहर निकलने में कैसे कामयाब रहे.
Tuesday सुबह Police ने थेनी जिले के देवराम के रहने वाले सिलंबरासन को पकड़ लिया. इसके बाद राजकुमार और राजा सिकंदर को भी पकड़ लिया गया जिससे पकड़े गए कैदियों की कुल संख्या चार हो गई.
जेल से कैदियों के भागने के बाद Police ने पूरे थेनी जिले में वाहनों की जांच तेज कर दी है. फरार कैदियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की मदद ली जा रही है और जेल के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है.
थेक्कम्पट्टी जेल में थेनी, मदुरै, डिंडीगुल और अन्य इलाकों के विचाराधीन कैदी (अंडरट्रायल) रखे जाते हैं.
बताया जा रहा है कि भागने वालों में से ज्यादातर मदुरै जिले के विचाराधीन कैदी थे. इनमें से तीन पर ‘गुंडा एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जानी थी. इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं जबकि Police टीमें अभी भी फरार कैदियों की तलाश में जुटी हैं.
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ओपी/पीएम
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