तमिलनाडु: धारापुरम में संदिग्ध वायरल बुखार से छह वर्षीय बच्ची की मौत, क्षेत्र में बढ़ी चिंता

धारापुरम (तिरुप्पुर), 31 अक्टूबर . तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के धारापुरम क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध वायरल बुखार के कारण मौत हो गई. निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है.

मृत बच्ची की पहचान जयश्री (6) के रूप में हुई है, जो कोयंबटूर जिले के वडमपाचेरी गांव की रहने वाली थी और स्थानीय सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा की छात्रा थी. उसके पिता विश्वनाथन (28) दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि मां पार्वती (23) गृहिणी हैं. परिवार में जयश्री की एक छोटी बहन सिवधर्शिनी (4) भी है.

जानकारी के अनुसार, विश्वनाथन काम के सिलसिले में डिंडीगुल जिले के पलानी गए हुए थे. इसी दौरान जयश्री को तेज बुखार हो गया. परिजनों ने उसे पहले पलानी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां तीन दिनों तक उसका इलाज चला. हालांकि, बुखार कम नहीं होने पर उसे धारापुरम के एक निजी बाल रोग अस्पताल में ले जाया गया.

स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर बच्ची को बाद में धारापुरम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उसका गहन इलाज किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसके श्वेत रक्त कोशिकाओं (व्हाइट ब्लड सेल) की संख्या तेजी से कम होने लगी. हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कर लगातार निगरानी में रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी मौत हो गई.

छह वर्षीय बच्ची की मौत के बाद धारापुरम और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है. साथ ही बच्चों में फैल रहे रहस्यमयी बुखार को लेकर अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है.

इधर, पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण धारापुरम और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है. सड़कों के किनारे, रिहायशी क्षेत्रों, खाली प्लॉटों और निर्माण स्थलों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ रही है.

निवासियों ने धारापुरम नगर पालिका, कुंदादम और मूलानूर पंचायत संघों समेत स्थानीय निकायों से मच्छर नियंत्रण और एंटी-लार्वा अभियान तेज करने की मांग की है. लोगों ने घर-घर जागरूकता अभियान चलाने, जमा वर्षा जल को हटाने और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की भी अपील की है, ताकि मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके.

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एएमटी/डीकेपी