तमिलनाडु: डीएमके विधायक और परिवार के छह सदस्य 20 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी

चेन्नई, 3 नवंबर . वरिष्ठ डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन को बड़ी कानूनी राहत मिली है. थूथुकुडी की एक अदालत ने Tuesday को उन्हें और उनके परिवार के 6 सदस्यों को लगभग 20 साल पुराने ‘आय से अधिक संपत्ति’ के मामले में बरी कर दिया. उन पर 4.90 करोड़ रुपए की संपत्ति अवैध रूप से जुटाने का आरोप था.

थूथुकुडी जिला सत्र न्यायाधीश सुभा देवी ने शाम करीब 4 बजे फैसला सुनाया, जिससे लगभग 20 वर्षों से चल रही लंबी कानूनी लड़ाई का अंत हुआ. तिरुचेंदूर से मौजूदा विधायक राधाकृष्णन ने पूर्व Chief Minister जे. जयललिता के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके Government में 2001 से 2006 के बीच आवास मंत्री के रूप में कार्य किया था.

आरोप यह था कि मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति अर्जित की थी.

2006 में Government बदलने और डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि के Chief Minister बनने के बाद ‘डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन’ (डीवीएसी) ने राधाकृष्णन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ने जांच अवधि के दौरान अपनी वैध आय के अतिरिक्त लगभग 4.90 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की थी. राधाकृष्णन के अलावा, इस मामले में उनकी पत्नी जयंती, पुत्र अनंत पद्मनाभन, अनंत रामकृष्णन और अनंत महेश्वरन तथा उनके भाई शनमुगनंदन और शिवानंदन भी नामजद हैं.

यह मामला बाद में थूथुकुडी जिला सत्र न्यायालय में पहुंचा, जहां कई वर्षों तक कार्यवाही चली. मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए और अपने आरोपों के समर्थन में गवाहों से पूछताछ की. न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रखने से पहले गवाहों से जिरह भी पूरी कर ली.

राधाकृष्णन के Political जीवन के विभिन्न चरणों में दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों से जुड़े रहने के कारण इस मामले ने काफी Political ध्यान आकर्षित किया था. अदालत ने पहले 3 नवंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी.

Tuesday को बरी होने के बाद, राधाकृष्णन के समर्थक तूतीकुड़ी और तिरुचेंदूर में जश्न मनाने के लिए जमा हुए. पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं, और इस फैसले को दिग्गज राजनेता के लिए एक महत्वपूर्ण जीत बताया. यह फैसला तमिलनाडु के एक प्रमुख Political नेता से जुड़े लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों में से एक के अंत का प्रतीक है.

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एएसएच/डीकेपी