
चेन्नई, 21 सितंबर . मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव में हिस्सा ले रहे प्रमुख Political दलों के उम्मीदवारों की सुरक्षा तमिलनाडु Police ने बढ़ा दी है. चुनाव प्रचार के दौरान कुछ इलाकों में लोगों के विरोध के कारण बहस और मामूली झड़पें हुई थीं.
चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने है. जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख पास आ रही है, Political पार्टियों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है. उम्मीदवार और उनके समर्थक वोट मांगने और लोगों का समर्थन जुटाने के लिए गांवों का दौरा कर रहे हैं.
जैसे-जैसे प्रचार जोर पकड़ रहा है, कई गांवों में उम्मीदवारों को स्थानीय समस्याओं के समाधान न होने को लेकर लोगों के सवालों और विरोध का सामना करना पड़ा है. कुछ जगहों पर घर-घर जाकर प्रचार करने और नुक्कड़ सभाओं के दौरान उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई.
उम्मीदवारों के साथ आए समर्थकों के विवादों में दखल देने के बाद धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं. Police को डर है कि अगर प्रचार के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो ऐसी झड़पें स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बड़े टकराव में बदल सकती हैं.
इन घटनाओं के बाद, Police ने मुख्य Political पार्टियों के उम्मीदवारों को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई है. Police अब प्रमुख उम्मीदवारों के प्रचार दौरों के दौरान उनके साथ हर दिन लगभग 10 से 15 Policeकर्मी तैनात कर रही है, खासकर उन गांवों में जहां लोगों में नाराजगी या Political तनाव की खबरें हैं.
Police टीमें प्रचार के रास्तों और जनसभाओं पर भी नजर रख रही हैं ताकि टकराव को रोका जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्मीदवार बिना किसी रुकावट के प्रचार कर सकें.
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर स्थानीय लोगों और Political कार्यकर्ताओं के बीच बहस होती है, तो वे तुरंत दखल दें.
इस बीच, लोगों ने आरोप लगाया है कि उपचुनाव के लिए तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड गाड़ियों की चेकिंग गंभीरता से नहीं कर रहे हैं. उनका दावा है कि अब तक बिना हिसाब-किताब वाले कैश या चुनावी नियमों के उल्लंघन से जुड़े बड़ी मात्रा में पैम्फलेट, पोस्टर और बैनर जब्त करने की कोई घटना सामने नहीं आई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादा सख्त निगरानी जरूरी है क्योंकि प्रचार के आखिरी दौर में गैर-कानूनी तरीके से कैश बांटने की संभावना बढ़ सकती है. उन्होंने Police और चुनाव अधिकारियों से गाड़ियों की चेकिंग तेज करने की अपील की है, खासकर गांवों को जोड़ने वाली सड़कों और निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करने वाले रास्तों पर.
लोगों ने संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रखने और चुनावी नियमों को सख्ती से लागू करने की भी मांग की है. उम्मीद है कि वोटिंग का दिन पास आने पर चुनाव अधिकारी चेकिंग बढ़ा देंगे, जबकि Police हर प्रचार क्षेत्र की स्थिति के आधार पर सुरक्षा जरूरतों का आकलन करती रहेगी.
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एससीएच/पीएम
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