तमिलनाडु कैबिनेट की बैठक में चार अहम फैसले, सामाजिक न्याय सर्वेक्षण के लिए आयोग का होगा गठन : मंत्री निर्मल कुमार

चेन्नई, 29 अक्टूबर . तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में Thursday को चेन्नई के सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई. तमिलनाडु के कानून और ऊर्जा संसाधन मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने बताया कि कैबिनेट बैठक में चार अहम फैसले लिए गए. इनमें आठ उद्योगों को अपना कामकाज शुरू करने की मंजूरी देना और सामाजिक न्याय सर्वेक्षण कराने के लिए एक आयोग का गठन करना शामिल है, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे.

उन्होंने कहा कि Government इस सर्वेक्षण के लिए रूपरेखा तैयार करेगी और धर्म परिवर्तन करने वाले मुसलमानों के आरक्षण के मुद्दे पर एक पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटिशन) दायर करने की योजना बना रही है.

थलाम्बुर ‘पोराम्बोके’ (सरकारी ) भूमि विवाद पर निर्मल कुमार ने कहा कि लगभग 600 एकड़ जमीन से जुड़ा यह मुद्दा करीब 30 वर्षों से अनसुलझा है, जिससे लगभग 3,000 परिवार प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि इस इलाके में 15 से अधिक शैक्षणिक संस्थान भी स्थित हैं.

उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने इसके संभावित समाधानों पर चर्चा की है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली Governmentों के कार्यकाल में कई अनियमितताएं हुई थीं, जिनमें ‘कासाग्रैंड’ द्वारा संपत्तियों की धोखाधड़ी से की गई बिक्री भी शामिल है.

प्रोफेसर कलैयारासन को हिरासत में लिए जाने के मामले पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था और बताया कि यह घटना स्थानीय Police की एक गलती के कारण हुई. Chief Minister विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पूर्वोत्तर मानसून की तैयारियों को प्राथमिकता दें और जनता की शिकायतों का समाधान करें. निर्मल कुमार ने बताया कि बिजली विभाग में फील्ड असिस्टेंट के लगभग 8,000 पद खाली पड़े हैं.

डीएमके के पूर्व मंत्रियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिन पर पार्टी के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप है? उन्होंने दावा किया कि पूर्व मंत्री अनबिल महेश ने 200 से अधिक बिचौलियों के जरिए 3,000 से ज्यादा स्कूलों को धमकाया और 400 करोड़ रुपए वसूले. उन्होंने इसकी तुलना पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े कथित नौकरी घोटाले से की.

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई शिकायतों के आधार पर की जा रही है, न कि किसी Political बदले की भावना से. उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवीके Government का डीएमके को प्रतिशोध के लिए निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं है. मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली डीएमके Government के दौरान महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के कई मामलों को दबा दिया गया था, जो बाद में केवल अदालती कार्यवाही के जरिए सामने आए.

उन्होंने आगे दावा किया कि जी. वीरमणि से जुड़े मामले को दो महीने तक समझौते की बातचीत के जरिए दबाने की कोशिश की गई थी और आरोप लगाया कि पूर्व Chief Minister एमके स्टालिन को भी इसकी जानकारी थी.

निर्मल कुमार ने ‘डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन’ (डीवीएसी) की जांच के बाद पूर्व मंत्री के. एन. नेहरू के खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक नौकरी रैकेट के जरिए लगभग 2,300 लोगों के साथ करीब 800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई. डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं और अदालत की अनुमति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जिंजी में लापता बच्चे की तलाश के बारे में मंत्री ने कहा कि खोज अभियान तेज कर दिया गया है और उम्मीद जताई कि बच्चा जल्द ही मिल जाएगा.

जेल सुधारों पर बात करते हुए निर्मल कुमार ने कहा कि सुरक्षा कमियों और प्रक्रियात्मक खामियों को दूर करने के लिए तमिलनाडु की सभी 11 केंद्रीय जेलों में आधुनिक तकनीकें लागू की जाएंगी. उप-जेलों में भी सुधार किए जाएंगे, जिसमें जरूरत पड़ने पर कैदियों को केंद्रीय जेलों में स्थानांतरित करना शामिल है.

उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय किए जाएंगे, जिससे कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की जरूरत कम से कम पड़े. Government उस व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पिछले 30 से 40 वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त रही है.

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ओपी/एबीएम