
चेन्नई, 9 सितंबर . तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) Wednesday को अपनी Government का समर्थन करने वाली पार्टियों के साथ बातचीत का दूसरा दौर आयोजित करेगी, क्योंकि पार्टी के नेतृत्व में एक नया Political गठबंधन औपचारिक रूप से बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं.
यह बैठक चेन्नई के पास पनैयूर में पार्टी हेडक्वार्टर में शाम 4 बजे होगी, जिसकी अध्यक्षता Chief Minister और टीवीके अध्यक्ष विजय करेंगे. इस बैठक में कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची ( के), मारुमलरची द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एमडीएमके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. टीवीके के सीनियर पदाधिकारियों और मंत्रियों ने बातचीत के लिए इन पार्टियों को न्योता दिया था.
Government को बाहर से समर्थन देने वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) को भी न्योता दिया गया है. हालांकि, उम्मीद है कि ये दोनों पार्टियां बैठक से दूर रहेंगी क्योंकि वे प्रस्तावित गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं हैं.
टीवीके ने चेन्नई के कोवलम में एक होटल में 1 जुलाई को शुरुआती बातचीत के साथ नए गठबंधन को बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी. कांग्रेस, वीसेके, एमडीएमके और आईयूएमएल ने उस बैठक में हिस्सा लिया और Political तालमेल के लिए एक मोटे तौर पर रूपरेखा पर चर्चा की.
दोनों वामपंथी पार्टियों ने उस दौर की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि उनका कहना था कि वे केवल बाहर से समर्थन देने वाली पार्टियां हैं.
Wednesday की बैठक से उम्मीद है कि यह प्रक्रिया शुरुआती चर्चाओं से आगे बढ़ेगी और प्रस्तावित गठबंधन को एक औपचारिक पहचान देगी.
संभावना है कि नेता गठबंधन के नाम को अंतिम रूप देंगे और इसके Political और प्रशासनिक कामकाज में तालमेल बिठाने के लिए संगठनात्मक व्यवस्था पर विचार करेंगे.
उम्मीद है कि Chief Minister विजय को गठबंधन का नेता चुना जाएगा. इसमें शामिल पार्टियां कोऑर्डिनेटर और डिप्टी कोऑर्डिनेटर के गठन और इन पदों के लिए नेताओं की पहचान करने पर भी चर्चा कर सकती हैं.
इन चर्चाओं को टीवीके Government का समर्थन करने वाली पार्टियों को एक साझा Political मंच पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
जहां कांग्रेस, के, एमडीएमके और आईयूएमएल के औपचारिक सहयोगी बनने की संभावना है. वहीं, सीपीआई और सीपीआई (एम) का रुख यह बताता है कि वामपंथी पार्टियां Government को बाहर से समर्थन देते हुए भी अपनी संगठनात्मक स्वतंत्रता बनाए रख सकती हैं.
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ओपी/पीएम
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